अंबेडकरनगर। यदि आप ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की सोच रहे हैं तो आपको दो माह इंतजार करना होगा। केंद्र सरकार के नए यातायात नियमों का खौफ बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने वाले लोगों में साफ दिखने लगा है। बगैर ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाते समय पकड़े जाने पर भारी जुर्माना लगने के भय से आवेदकों की संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। जानकारों का कहना है कि छह हजार से अधिक ऑनलाइन आवेदन पेंडिंग हैं। हर दिन इस कार्यालय से 100 लाइसेंस जारी करने की क्षमता है। ऐसे में जो आवेदन इन दिनों हो रहे हैं, उनकी तिथि नवंबर माह के अंत तक मिल रही है।
केंद्र सरकार का नया कानून भले ही प्रदेश में पूर्ण रूप से लागू न हुआ हो, लेकिन उसका खौफ जनपदवासियों में साफ दिख रहा है। अब तक बगैर लाइसेंस के सड़कों पर वाहनों से फर्राटा भरने वालों की लंबी कतार उपसंभागीय परिवहन कार्यालय में लग गई है। अचानक ड्राइविंग लाइसेंस के लिए बढ़ी आवेदकों की संख्या ने एआरटीओ कार्यालय में मैनपॉवर का संकट खड़ा कर दिया है। प्रतिदिन 100 लाइसेंस निर्गत करने की क्षमता वाले इस कार्यालय में करीब छह हजार ऑनलाइन आवेदन पेंडिंग हैं।
इस समय प्रतिदिन लगभग 200 आवेदन ऑनलाइन हो रहे हैं। पहले जहां ऑनलाइन आवेदन करने पर एक से दो दिन में बायोमीट्रिक व टेस्ट के लिए तिथि मिल जाती थी, वहीं इन दिनों आवेदन करने पर आवेदक को लगभग 60 दिन बाद की तिथि मिल रही है। इसके चलते एआरटीओ कार्यालय में प्रतिदिन आवेदकों की भीड़ जुट रही है। आवेदकों की बढ़ती भीड़ के बावजूद उपसंभागीय परिवहन कार्यालय कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बना रहा है, जिससे आवेदकों को लाइसेंस के लिए इंतजार न करना पड़े।
गुरुवार को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए उपसंभागीय परिवहन कार्यालय पहुंचे बसखारी निवासी प्रदीप कुमार ने बताया कि वह आवेदन करने आए थे। मगर कंप्यूटर संचालकों द्वारा बताया जा रहा है कि 60 दिन के पहले स्लॉट नहीं मिलेगा। ऐसे में यदि वे आज ऑनलाइन आवेदन करते हैं, तो उन्हें नवंबर के अंत तक लाइसेंस के लिए बायोमीट्रिक व टेस्ट देने का मौका मिलेगा।
कटेहरी के संतोष गुप्त ने बताया कि उन्होंने 17 सितंबर को लाइसेंस के लिए आवेदन किया था, उन्हें 15 नवंबर की तिथि मिली है। इसी तरह 19 सितंबर को आवेदन करने वाले अकबरपुर के अभिषेक यादव को 16 नवंबर की तिथि मिली है। लंबित आवेदनों के बीच आवेदकों की मुश्किलेें बढ़ रही हैं। आवेदकों का कहना है कि यदि इस बीच उनका चालान कटता है तो आखिर इसका जिम्मेदार कौन होगा।
कार्यालय में मौजूद मैनपावर के हिसाब से शासन द्वारा लाइसेंस निर्गत करने की क्षमता निर्धारित की जाती है। पिछले कुछ दिनों से आवेदकों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। फिलहाल निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रतिदिन लाइसेंस निर्गत किए जा रहे हैं। आवेदक प्रतिदिन भटकने के बजाय ऑनलाइन आवेदन के बाद निर्धारित तिथि को समय से कार्यालय पहुंचें।
केएन सिंह उपसंभागीय परिवहन अधिकारी