वे बुधवार को जिला मुख्यालय पर अन्तरराष्ट्रीय कुष्ठ निवारण संघ-हेल्थ एलायंस, उत्तर प्रदेश सरकार एवं एसोसियेशन ऑफ पर्सन्स अफेक्टेड बाय लेप्रोसी के संयुक्त तत्वावधान में कुष्ठ पीड़ितों के अधिकारों के उल्लंघन एवं कुष्ठ रोग की जानकारी विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।
नगर के सांई प्लाजा में आयोजित कार्यक्रम में तलाक के लिए कुष्ठ रोग के कारण के प्राविधान का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सिर्फ इतनी सी बात पर तलाक लेने के आधार को रोकना जाना होगा। कुष्ठ रोगियों को सामाजिक प्रतिष्ठा देने के लिए रोग की संबंधी भ्रांतियों को भी दूर करना जरूरी है।
कैंसर व लीवर के मामले में तो लाखों खर्च कर पूरी तत्परता से इलाज कराया जाता है, लेकिन कुष्ठ रोग के मामले में उसे घर से निकालकर किसी मलिन बस्ती में डाल दिया जाता है। इससे बचने की जरूरत है। रोग को छुपाने की बजाए शुरुआती दौर में ही उसका उपचार तय किया जाए तो मुश्किलों से बचा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आमतौर पर उनकी सुध नहीं ली जाती। उनके बच्चों का स्कूलों में प्रवेश नहीं हो पाता। उन्हें भीख मांगने वाले समाज के तौर पर जाना जाता है। बताया कि 2007 में कई संगठनों के साथ संसद की याचिका समिति को दी गई याचिका के बाद कई महत्वपूर्ण सुझाव निर्गत हुए।
इसे लागू कराने के लिए पूर्ववर्ती मनमोहन सरकार के समय प्रयास किया गया और मौजूदा सरकार के संज्ञान में भी मामला लाया गया है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा ऐसे पीड़ितों को प्रतिमाह ढाई हजार रुपए देने का जो निर्णय को अच्छा कदम बताया। कहा इसका संदेश देश के अन्य राज्यों में भी जाएगा।
राज्यपाल ने कहा कि सांसद व विधायक को अपनी निधि से भी ऐसे पीड़ितों की मदद करनी चाहिए। स्वास्थ्यमंत्री अहमद हसन ने कहा कि बीते दिनों राजभवन में कुष्ठ रोगियों के लिए राज्यपाल ने जो कार्यक्रम आयोजित कराया, उससे समाज में एक बड़ा सकारात्मक संदेश गया है।
बताया कि राज्यपाल की पहल के बाद मुख्यमंत्री ने आगामी बजट में 30 करोड़ रुपए का प्रबंध किया है, जिससे कुष्ठ रोगियों को प्रतिमाह ढाई हजार की मदद दी जा सके। दुग्ध विकासमंत्री राममूर्ति वर्मा ने कहा कि यह जिला कुष्ठ रोग मुक्त होना चाहिए। इसके लिए सभी को आवश्यक प्रयास तय करने होंगे।
स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंखलाल मांझी ने विस्तार से समझाया कि कतई यह रोग छुआछूत से नहीं फैलता है। सांसद हरिओम पाण्डेय ने कहा कि पढ़े लिखे लोगों को समाज में फैली भ्रांति दूर करनी होगी। जिलाधिकारी विवेक ने राज्यपाल सहित अन्य अतिथियों का स्वागत किया, और भरोसा दिलाया कि जिले में कुष्ठ रोग को लेकर आगे सभी प्रयास और मजबूती से किए जाएंगे।
इससे पहले आयोजक शरद भोसले ने संगठन द्वारा किए जाने वाले प्रयासों की जानकारी दी। इस मौके पर एसपी पंकज, सीडीओ डॉ मन्नान अख्तर, सीएमओ मेजर डॉ बीपी सिंह, राज्य कुष्ठ अधिकारी डॉ सुनील भारतीय, डॉ विकास आमटे, डॉ एके गुप्त, डॉ आरसी गुप्त, डॉ हसन मेंहदी आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।