आलापुर, अंबेडकरनगर। आलापुर के जगदीशपुर में सीमांकन पत्थर उखाड़े जाने के मामले में हाईकोर्ट ने अब तक हुई कार्रवाई की रिपोर्ट 17 मार्च तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। ग्राम जगदीशपुर स्थित गाटा संख्या 279 पर रणजीत सिंह की अपील पर सुनवाई करते हुए डीएम कोर्ट ने सीमांकन कराने के निर्देश दिए थे।
16 जनवरी को राजस्व टीम और पुलिस बल की संयुक्त उपस्थिति में सीमांकन कराया गया था और मौके पर 16 पिलर स्थापित किए गए थे। उसी रात विपक्षी रामगोपाल, वंशगोपाल, राजमंगल, राजाराम, बसंत और रामचंदर यादव सहित अन्य लोगों ने पिलर उखाड़ दिए थे। 20 जनवरी को रणजीत सिंह की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
एसडीएम सुभाष सिंह ने दोबारा जांच और कोर्ट के आदेश का अनुपालन करने के लिए सुजीत कुमार चौबे के नेतृत्व में चार सदस्यीय राजस्व टीम गठित की है। जहांगीरगंज पुलिस को सहयोग के निर्देश दिए हैं। इस मामले में रणजीत सिंह की ओर हाईकोर्ट लखनऊ पीठ में रिट याचिका भी दाखिल की है। याचिका में बताया है कि पुलिस व राजस्व अधिकारियों ने पिलर उखाड़े जाने के बाद न तो प्रभावी कार्रवाई की और न ही दोबारा पिलर स्थापित कर कब्जा कराया है।
न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिजवी की अदालत ने राज्य पक्ष को दो सप्ताह में विस्तृत निर्देश/एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का समय दिया है। राज्य की ओर से अतिरिक्त मुख्य स्थायी अधिवक्ता ने समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी।