अंबेडकरनगर। साप्ताहिक अवकाश के बाद सोमवार को जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए मरीजों की भीड़ उमड़ी। भीड़ का आलम यह था कि अस्पताल की तमाम व्यवस्थाओं के बाद भी लोगों को इलाज पाने के लिए परेशान होना पड़ा।
सुबह से आए मरीजों व तीमारदारों को परचा बनवाने से लेकर दवा और चिकित्सक को दिखाने तक काफी परेशान होना पड़ा। परचे के लिए जहां लंबी कतार रही, वहीं चिकित्सकों की ओपीडी में काफी मरीज गेट के बाहर तक नजर आए। ऐसे में लोगों को इलाज के लिए घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। यही हालत पैथोलॉजी व एक्सरे कक्ष के बाहर थी। ओपीडी में मौसम के बदलते रुख का पूरा असर दिखा। सबसे ज्यादा मरीज सर्दी, जुकाम व बुखार के रहे। बुखार रोगियों की डेंगू, मलेरिया और टायफाइड की जांच कराई गई। खुजली, पेट दर्द के भी मरीज खूब रहे। आलम यह रहा कि दोपहर दो बजे के बाद भी ओपीडी में मरीजों की मौजूदगी रही। जिला अस्पताल में 1409 मरीज ओपीडी में आए, जिनमें करीब 200 मरीज बुखार से पीड़ित रहे। डॉक्टरों ने मरीजों को उपचार के साथ ही बचाव को लेकर सलाह भी दी।
एक घंटे के बाद हो सका एक्सरे
बसखारी के टड़वा गांव के रहने वाले युवराज ने बताया कि उन्हें दो दिनों से सीने में दर्द हो रहा था। इलाज के लिए वह सुबह आए थे। भीड़ अधिक होने के कारण परचा बनवाने में तो समय लगा ही, वहीं, एक्सरे कराने के लिए एक घंटे से अधिक का समय लगा।
काफी इंतजार के बाद आया नंबर
अकबरपुर के सिझौली के रहने वाले छोटू अपनी भतीजी को सर्दी जुकाम व पेट दर्द की दवा लेने आए थे। बताया कि परचा बनवाने के बाद जब वह फिजिशियन के कमरे में गए तो मरीजों की लंबी कतार लगी थी। इसकी वजह से उसे लंबे समय के इंतजार के बाद इलाज मिल सका।
रविवार को अस्पताल में अवकाश होने के कारण सोमवार को ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। इसके चलते सुबह के समय कुछ समस्या रहती है। अस्पताल आने वाले सभी मरीजों का बेहतर ढंग से उपचार किया गया। -डॉ. पीएन यादव, सीएमएस