बसखारी के कोतुबपुर गांव में तेज बारिश के बाद हुआ जलभराव - संवाद
अंबेडकरनगर। लगातार हो रही झमाझम बारिश ने अब कहर बरपाना शुरू कर दिया है। थाना क्षेत्र महरुआ के गोसाई का पूरा में कच्चा घर ढहने से चपेट में आकर एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। उधर बारिश से जगह-जगह जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई। कई प्रमुख चौराहे जलाशय में तब्दील हो गए। इससे लोगों को आवागमन में व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
शनिवार दोपहर बाद से शुरू हुई तेज बारिश का सिलसिला लगभग पूरी रात रहा। रविवार को भी दिन में रुक-रुककर बारिश होती रही। इसी बीच शनिवार रात थाना क्षेत्र महरुआ के जैतूपुर ग्राम पांयत के मजरा गोशाई का पूरा निवासी प्रेमनाथ विश्वकर्मा के कच्चे घर की दीवार ढह गई। इससे वहां सो रही उनकी पुत्री संध्या (19) मलबे की चपेट में आ गई। जब तक उसे मलबे से निकाला जाता वह गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। सीएचसी भीटी में इलाज के बाद हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इसी प्रकार तहसील क्षेत्र जलालपुर के वाजिदपुर में एक कच्ची दीवार ढह गई। हालांकि इससे कोई हताहत नहीं हुआ। तहसील क्षेत्र टांडा के कोतूपुर व आसपास के क्षेत्र में तीन पेड़ धराशायी हो गए। इसके अलावा भी जिले के कई क्षेत्रों में पेड व टीन शेड गिरने के मामले सामने आए।
जलाशय में तब्दील हुए चौराहे
शनिवार दोपहर के बाद से हुई झमाझम बारिश से अकबरपुर नगर के साथ-साथ जिले के कई अन्य क्षेत्र में जलभराव की बड़ी समस्या खड़ी हो गई। अकबरपुर नगर के अत्यंत व्यस्ततम चौराहे में एक गौहन्ना चौराहा पूरी तरह से जलाशय में तब्दील हो गया। इससे लखनऊ, दिल्ली, कानपुर जाने वाले यात्रियों को बस पर चढ़ने के लिए पानी से होकर गुजरना पड़ा। हजपुरा चौराहा, सैदापुर चौराहा, गंजा चौराहा भी पूरी तरह से जलाशय में तब्दील हो गया। इससे संबंधित क्षेत्र में लोगों को आवागमन करने में कई प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जलालपुर विद्युत उपकेंद्र परिसर में पानी भर गया। इससे विभिन्न प्रकार के कार्य के लिए पहुंचे उपभोक्ताओं को मुश्किलें उठानी पड़ीं। बसखारी सब्जी मंडी में पानी भर जाने से लोगों को परेशान होना पड़ा तो वहीं कोतूपुर गांव में तालाब के इर्द-गिर्द की लगभग दस बीघा धान की फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गई। इसी तरह टांडा नगर स्थित बस स्टेशन परिसर भी बारिश के चलते जलाशय में तब्दील हो गया, इससे यहां पहुंचने वाले यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्हें सड़क पर ही रुककर बस का इंतजार करने को विवश होना पड़ा। इसके अलावा नैपुरा में मोहल्ले में पानी भरने से आवागमन बाधित रहा। सिकंदराबाद व फायर स्टेशन भी जलभराव की चपेट में रहा। भीटी, केदारनगर समेत कई अन्य क्षेत्र में भी जलभराव होने से लोगों को आवागमन में दिक्कत का सामना करना पड़ा।