काम के बदले घूस लेने का मामला सामने आने पर डीएम विवेक ने बुधवार को लेखपाल व अकबरपुर नायब तहसीलदार के कार्यवाहक स्टेनों को सस्पेंड कर दिया।
एसडीएम के स्टेनो की ओर से भी घूस लेने की जानकारी पर उसे सस्पेंड करने की संस्तुति आयुक्त फैजाबाद से की है। मामले में एडीएम को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
बुधवार को जिले में सरकारी कर्मचारियों की ओर से घूस लेने का एक स्टिंग ऑपरेशन सामने आया। इसमें अकबरपुर तहसील के दो कर्मचारी विभिन्न कार्यों के लिए अवैध तरीके से धन लेते हुए दिखाई दिए।
बताया जाता है कि दोनों कर्मचारियों को एक ही व्यक्ति से रकम लेते दिखाया गया है। घूस लेते कैमरे में कैद होने वालों में एसडीएम सदर के स्टेनो हरदेव सिंह को डीएम ने सस्पेंड करने के लिए आयुक्त फैजाबाद मंडल को संस्तुति कर दी है।
वहीं अकबरपुर नायब तहसीलदार के स्टेनो का काम देख रहे लेखपाल अश्विनी उपाध्याय को जिलाधिकारी ने सस्पेंड कर दिया है। स्टिंग ऑपरेशन की बात सामने आने के बाद बुधवार को दिन भर अकबरपुर तहसील के कर्मचारियों में हड़कंप का माहौल रहा।
अन्य तहसीलों के कर्मचारी भी इस बात को लेकर सशंकित रहे कि कहीं उनका भी तो कोई स्टिंग नहीं हुआ है। अकबरपुर से इतर तहसीलों में कार्यरत कर्मचारी यह पता लगाने में मशगूल दिखे कि और किसी तहसील का मामला तो उसमें नहीं है।
इस बीच कार्रवाई होने के बाद तहसील कर्मियों ने राहत की सांस ली। कार्रवाई की जद में आए अश्विनी उपाध्याय व हरदेव सिंह ने खुद को बेकसूर बताते हुए कहा कि जानबूझकर उन्हें रकम देने की कोशिश की गई।
वीडियो देखने पर यह स्पष्ट भी होता है कि सब कुछ एक साजिश के तहत किया गया। उधर जिलाधिकारी विवेक ने देर शाम बताया कि स्टिंग में सामने आए तथ्यों के आधार पर एक कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि दूसरे के निलंबन की संस्तुति की गई है।
पूरे प्रकरण की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी रामसूरत पांडेय को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनसे विस्तृत रिपोर्ट मांगी जा रही है।