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आग से जलकर राख हुई 24 किसानों की 20 बीघा फसल

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अंबेडकरनगर। टांडा तहसील अंतर्गत दरियापुर कुतुब गांव में शुक्रवार दोपहर बाद गेहूं के खेत में आग लग गई। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को सूचना देने के साथ ही आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया। हवा के चलते आग तेजी से बढ़ने लगी। इसी बीच पहुंचे फायर कर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से लगभग एक घंटे के अथक प्रयास के आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक 24 किसानों की लगभग 20 बीघा गेहूं की फसल पूरी तरह जलकर राख हो गई। आग से करीब 5 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ। बाद में एसडीएम के निर्देश पर पहुंची राजस्व विभाग की टीम ने जरूरी जानकारी प्राप्त की। राजस्व टीम के अनुसार आग के कारण की स्पष्ट जानकारी नहीं हो सकी।
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टांडा तहसील अंतर्गत दरियापुर कुतुब गांव निवासी ओमप्रकाश के गेहूं के खेत में अचानक आग लग गई। आग की उठती लपटें देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गुहार पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। फायर ब्रिगेड को सूचना देने के साथ ही ग्रामीणों ने आग पर काबू पाना शुरू कर दिया। दरअसल हवा के चलते आग तेजी से आगे बढ़ रही थी। किसानों को आशंका थी कि यदि शीघ्र ही आग पर काबू नहीं पाया गया, तो इर्दगिर्द स्थित पूरी गेहूं की फसल जलकर राख हो जाएगी। साथ ही आग गांव तक पहुंच जाएगी।

इस बीच अलीगंज पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिसकर्मियों ने भी ग्रामीणों की मदद करना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में टांडा व अकबरपुर से फायर कर्मचारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए। फायरकर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाने के प्रयासों में और तेजी सुनिश्चित की। लगभग एक घंटे के अथक प्रयास के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक 24 किसानों की लगभग 20 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। बाद में एसडीएम के निर्देश पर लेखपाल विनय गुप्ता ने घटनास्थल पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। लेखपाल ने बताया कि आग के कारण की स्पष्ट जानकारी नहीं हो सकी है। आग शार्ट सर्किट से लगी या अन्य कारणों से, इसकी छानबीन की जा रही है।
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इन किसानों का हुआ नुकसान
लेखपाल विनय गुप्ता के अनुसार ओमप्रकाश का साढ़े 8 बिस्वा, वंशराती का 10 बिस्वा, शोभावती का साढ़े 3 बिस्वा, विश्वनाथ का 10 बिस्वा, रघुनाथ का 10 बिस्वा, बच्चाराम का 4 बीघा, छब्बूलाल का 5 बिस्वा, राम छोटकने का 5 बिस्वा, रामधन का 5 बिस्वा, रामलाल का 12 बिस्वा, सुखई का डेढ़ बिस्वा, त्रिभुवन का 5 बिस्वा, रामराज का 5 बिस्वा, कृष्णचंद्र का 8 बिस्वा, आशाराम का ढाई बिस्वा, राजेंद्र प्रसाद का ढाई बिस्वा, रामपत्ती का ढाई बिस्वा, जियालाल का 15 बिस्वा, सूर्यलाल का 15 बिस्वा, जगदीश का 15 बिस्वा, आत्माराम का साढ़े 3 बिस्वा, संजय का साढ़े 3 बिस्वा, शंभूनाथ का साढ़े 3 बिस्वा व त्रिभुवन का साढ़े 3 बिस्वा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।
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