बसखारी (अंबेडकरनगर)। अशरफपुर किछौछा स्थित यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया की शाखा से लगभग तीन वर्ष पूर्व कूटरचित तरीके से फर्जी फोटो एवं अंगूठा का निशान लगाकर किसान क्रेडिट कार्ड से धन निकाल लेना एक व्यक्ति व दो गवाहों को महंगा पड़ गया है। बैंक शाखा प्रबंधक ने रविवार देरशाम आरोपी खाता संचालक एवं दो गवाहों के खिलाफ कूटरचित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार करने धोखाधड़ी करके रुपए निकालने का मुकदमा पंजीकृत कराया है।
यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया शाखा अशरफपुर किछौछा से वर्ष 2016 में 24 जून को मसड़ा मोहनपुर निवासी निसार अहमद ने अपने पिता दीफन के नाम पर कूटरचित तरीके से स्वयं का फोटो एवं अंगूठा का निशान लगाकर 3 लाख का किसान क्रेडिट कार्ड बनवा लिया। आरोप है कि चार दिन बाद खाते से सवा दो लाख रुपये निकाल लिया। किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने में जलालपुर कोतवाली क्षेत्र के जगदीशपुर कपिलेश्वर निवासी वेदप्रकाश व हजियापुर बसखारी निवासी फूलचंद्र ने बाकायदा गवाही भी दिया।
प्रबंधक ने किसान क्रेडिट कार्ड के प्रतिभूति के रूप में जो भूमि बंधक करवाया था उस भूमि का अभिलेख भी एक माह बाद टांडा तहसील से बंधक मुक्त करवा लिया गया। मामले की जानकारी होने पर शाखा प्रबंधक ने प्रकरण केस दर्ज करने के लिए थाने में तहरीर दी। पुलिस ने प्रकरण में केस दर्ज कर लिया। थानाध्यक्ष जेपी सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र कुमार मिश्र के आदेश पर खाता संचालक तथा दो गवाहों के खिलाफ कूटरचित तरीके से धोखाधड़ी कर पैसे निकालने के आरोप में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है।