अंबेडकरनगर। व्यापारी राकेश जायसवाल की हत्या में किसी करीबी का हाथ है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि करीबी के मोबाइल फोन में राकेश के कत्ल का राज छिपा है। पुलिस ने उसकी शिनाख्त भी कर ली है, लेकिन कोई चूक न हो इसलिए इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में पूरे साक्ष्य जुटाने में लगी है। एसपी का दावा है कि कुछ महत्वपूर्ण सुराग लगे हैं। सब कुछ ठीक रहा तो 48 घंटे के अंदर हत्या का खुलासा कर दिया जाएगा।
पदुमपुर के किराना व्यापारी राकेश जायसवाल के हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज किया था। हत्या के बाद पुलिस के पास हत्या की वजह का कोई कारण समझ नहीं आ रहा था। क्योंकि न तो परिवारीजनों ने और न ही व्यापारी के करीबियों ने कोई वजह बताई थी। अब पुलिस को सिर्फ सर्विलांस व मुखबिरों का ही सहारा था। पुलिस ने विवेचना शुरू की, तो सबसे पहले कुछ स्थानीय सूत्रों ने इसे लेनदेन का मामला बताया। इस दिशा में जांच शुरू करने के साथ ही तीन अन्य दिशा में भी जांच शुरू की गई। कुल आठ टीमों का गठन करने के साथ ही एसपी संतोष कुमार मिश्र ने मामले की स्वयं मानीटरिंग शुरू की। नतीजा यह कि पुलिस ने अब जांच की दिशा तय कर ली है। तीन तरह के मामलों को पुलिस ने जांच के बाद खारिज कर दिया है। सिर्फ एक दिशा में पुलिस ने अपनी जांच को अब तेजी से आगे बढ़ाया है। पुलिस सूत्रों की मानें तो सर्विलांस टीम ने एक महत्वपूर्ण सुराग दिया। इस सुराग से एसपी समेत जांच कर रहे सभी पुलिसकर्मियों के कान खड़े हो गए। एसपी ने इसमें से एक टीम को गोपनीय तरीके से सुरागकसी पर लगाया। चंद घंटों में पुलिस को हत्या से जुड़े के कई पुख्ता और प्रमाणिक सुराग हाथ लगे। लेकिन मामला व्यापारियों और हाई-प्रोफाइल होने के चलते पुलिस कोई चूक नहीं करना चाहती जिससे उनकी किरकिरी न हो। इसलिए पुलिस हत्या से जुड़े हर साक्ष्य को जुटाने और परखने में लगी है। एसपी ने अनौपचारिक बातचीत में इसकी पुष्टि भी की है। उनका दावा है कि सब कुछ ठीक रहा तो 48 घंटे में हत्या का खुलासा कर दिया जाएगा।
आरोपियों की तलाश में तीन जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी
पुलिस सूत्रों की मानें तो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो दिन से ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है। तीन जिलों में पुलिस ने करीब एक दर्जन स्थानों पर छापेमारी की है। कई टीमें अभी भी बाहरी क्षेत्रों में डेरा डाले है।