अंबेडकरनगर। प्रधानमंत्री आवासीय योजना की पहली व दूसरी किस्त का लाभ लेकर 230 पात्र दो करोड़ रुपये डकार गए। इस खुलासे से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। सीडीओ ने जांच के आदेश देते हुए सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ऐसे सभी पात्रों को तत्काल बुलाकर उनके आवासों का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए। सभी लाभार्थियों के बैंक खातों पर रोक लगाए जाने के भी निर्देश हैं, जिससे राशि का दुरुपयोग न होने पाए। वहीं, इन 230 लोगों के अलावा 60 ऐसे लाभार्थी भी सामने आए, जो सत्यापन के बाद अपात्र पाए गए। इस पर उनके आवास निर्माण के लिए आई राशि शासन को वापस कर दी गई।
आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को पक्के आवास में रहने का सपना पूरा करने के लिए वर्ष 2016-17 व 2017-18 में 23 हजार 251 पात्रों का चयन किया गया। प्रारंभिक सत्यापन के बाद उनकी सूची शासन को भेज दी गई। 1 लाख 20 हजार रुपये प्रत्येक निर्माण की धनराशि की दर से शासन से ग्राम्य विकास विभाग को धनराशि भी उपलब्ध करा दी गई। आवासों के निर्माण का कार्य जिले में तेजी से प्रारंभ कराया गया। प्रशासन ने इसके लिए अलग अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी भी सौंपी। इस बीच गत अब यह बड़ा खुलासा हुआ है कि सैकड़ों पात्र ऐसे हैं जो पहली व दूसरी किस्त लेने के बाद से नदारद हो गए हैं। उनके आवास ऐसे में आधे अधूरे ही पड़े हैं। ग्राम स्तर पर मिली जानकारी के बाद प्रशासन ने छानबीन कराई तो अब तक सामने आई रिपोर्ट में पता चला कि 230 ऐसे पात्र हैं, जो प्रथम या फिर द्वितीय किस्त की धनराशि लेकर बगैर निर्माण कराए ही निजी नौकरी आदि के लिए परिवार के साथ दूसरे प्रांत चले गए।
आवास निर्माण में प्रथम किस्त के लिए 40 हजार रुपये, दूसरी किस्त में 70 हजार व तीसरी किस्त में 10 हजार रुपये पात्रों के खाते में भेजी जाती है। जो 230 पात्र अब गांव में नहीं मिल रहे हैं, उनमें से सभी ने पहली किस्त ले ली थी, जबकि आधे से अधिक को दूसरी किस्त निर्गत हो गई थी। सत्यापन में यह भी सामने आया कि इन 230 के अलावा 60 पात्र ऐसे हैं, जो अपात्र हैं। उनके पास सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस पर उनके आवास के लिए आई धनराशि शासन को वापस भेज दी गई। उधर 230 पात्रों के नदारद होने के मामले में सीडीओ ने सभी खंड विकास अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे पात्रों को अविलंब बुलाकर उनके आवास का निर्माण कराया जाए। साथ ही निर्माण के फिर से प्रारंभ होने की जानकारी भी उन्हें दी जाए। सीडीओ के निर्देश के बाद खंड विकास अधिकारियों के लिए ऐसे पात्रों को वापस घर बुलाना बड़ा सिरदर्द हो गया है।
पूर्ण हुआ 11 हजार से अधिक आवास
विकास भवन के वरिष्ठ लिपिक विवेकानंद ने बताया कि 12 हजार 201 आवासों के सापेक्ष 11 हजार 601 आवास का निर्माण पूर्ण हो चुका है। अपात्र पाए गए 60 लाभार्थियों की राशि वापस शासन को भेज दी गई, जबकि 80 पात्र के निधन के बाद अब उनके आश्रितों के खाते में धनराशि भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 280 पात्रों के आवासों के निर्माण का कार्य तेजी से कराया जा रहा है।
बाहर गए पात्रों के खाते हुए सीज
जो लगभग 230 पात्र प्रथम या फिर द्वितीय किस्त की राशि लेकर गांव से बाहर चले गए हैं, उनके खाते फिलहाल सीज करा दिए गए हैं। सभी खंड विकास अधिकारियों को ऐसे पात्रों को बुलाकर उनके आवास का निर्माण पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया है। ऐसा न हो पाने पर आगे विधिक कार्रवाई सुनिश्चित होगी। - मथुरा प्रसाद मिश्र, जिला विकास अधिकारी