छह ट्रांसफार्मर फुंकने से रात भर अंधेरे में रही 30 हजार आबादी
अंबेडकरनगर। शासन-प्रशासन की हिदायत के बावजूद जनपद की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है। आधा दर्जन ट्रांसफार्मर फुंकने और जर्जर विद्युत उपकरणों के खराब होने से नगर समेत चार क्षेत्रों की आपूर्ति शुक्रवार रात भर गायब रही। इससे 25-30 हजार आबादी को रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी।
जनपद के उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली उपलब्ध कराने का पावर कॉर्पोरेशन अधिकारियों का दावा हवाई साबित हो रहा है। ठंडा शुरू होने के बावजूद विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। आधा दर्जन ट्रांसफार्मर फुंकने व उपकरणों के खराब होने से शुक्रवार रात कई क्षेत्रों की 25-30 आबादी को परेशानी हुई।
अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र के टाउन फीडर पर अधिक लोड होने के चलते शुक्रवार देर शाम अचानक आधा दर्जन गावों किशुनपट्टी, गौरा, चनवां, सिसवां, कटरिया, कोड़रा व सिझौलिया आपूर्ति ठप हो गई। उपभोक्ताओं ने पहले तो इसे सामान्य कटौती समझी, लेकिन जब काफी देर तक बिजली नहीं आने पर जानकारी की तो बताया गया कि कई स्थानों पर जर्जर तार टूटे हैं।
इससे 12 हजार से अधिक आबादी को पूरी रात अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ा। उनकी आपूर्ति शनिवार शाम बहाल हो जा सकी। महरुआ क्षेत्र में 64 केवीए के दो और 100 केवीए के तीन ट्रांसफार्मर शुक्रवार दोपहर बाद एक-एक कर जवाब दे गए। इसके चलते आधा दर्जन से अधिक गावों की 10 हजार आबादी को शनिवार दोपहर तक बिजली से वंचित रहना पड़ा।
जलालपुर क्षेत्र में 100 केवीए का एक ट्रांसफार्मर शुक्रवार रात फुंक गया। इसके अलावा मालीपुर रोड व बसखारी रोड पर जर्जर तार टूट गए। इससे लगभग तीन-चार हजार आबादी को शुक्रवार रात अंधेरे में गुजारने को मजबूर होना पड़ा।
दरें बढ़ाने के साथ आपूर्ति भी सुधारें
विद्युत आपूर्ति अक्सर बाधित होने से लोग परेशान हैं। कटरिया के अनंतराम व सुनील कुमार कहते हैं कि सरकार ने बिजली दरें तो बढ़ा दीं लेकिन आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने पर पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। जर्जर उपकरणों को बदलने मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। महरुआ के राधेश्याम व जगन्नाथ के मुताबिक ट्रांसफार्मरों की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिसके चलते वह आए दिन जवाब दे रहे हैं। जलालपुर के रामसजीवन व इश्तियाक कहते हैं कि सिर्फ दावा किया जा रहा है। जर्जर उपकरणों को बदला नहीं जाता है।
बदले जा रहे उपकरण
जर्जर हो चुके उपकरणों को बदलने का कार्य जारी है। उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली उपलब्ध कराने को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
एके यादव, अधिशासी अभियंता