अंबेडकरनगर। सम्मनपुर इलाके में वर्ष 2013 में हुई सुबरन की हत्या के मामले में आरोपी बनाए गए उसके पुत्र रामपाल समेत चारों लोगों को जनपद न्यायाधीश कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया है।
सम्मनपुर क्षेत्र के रहने वाले सुबरन आठ अगस्त 2013 को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। 10 अगस्त को सम्मनपुर के बरहौरा गांव में एक अज्ञात शव मिला था, जिसकी पहचान सुबरन के रूप में की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सुबरन की गला घोंटकर व पानी में डुबोकर हत्या करने की पुष्टि हुई थी। इस प्रकरण में 17 अगस्त को सुबरन के पुत्र रामपाल ने अपनी सौतेली मां सरोजा देवी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने प्रकरण की विवेचना शुरू की, जिसके बाद वर्ष 2015 में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। पुलिस ने इसमें मृतक के पुत्र रामपाल, राजन अलियास निवासी अल्हादादपुर अलीगंज, अरुण अलियास निवासी तेंदुआ खास टांडा और सुरेंद्र कुमार निवासी अरखापुर अलीगंज को साजिशन हत्या का आरोपी दर्शाया था। पुलिस के अनुसार, मृतक सुबरन ने अपनी संपत्ति बेंचकर मिली रकम सरोजा देवी पर खर्च कर दी थी। इससे रामपाल व अन्य लोग रंजिश मान रहे थे और इसी के चलते वारदात को अंजाम दिया गया था। बुधवार को जनपद न्यायाधीश चंद्रोदय कुमार ने मामले में फैसला देते हुए चारों आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त करार दिया।