अंबेडकरनगर। जानलेवा हमले और पुलिस टीम पर फायरिंग के 11 साल पुराने तीन मामलों दोषी सुनील यादव को 10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने उस पर 19 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला एडीजीसी क्रिमिनल सुभाष चंद्र वर्मा की दलीलों के आधार पर सुनाया गया है।
मामले की शुरुआत 11 मार्च 2015 को हुई, जब अयोध्या के महराजगंज निवासी सौरभ ने अंबेडकरनगर के राजेसुल्तानपुर के बछुवापार में अपने पिता की शिवम ज्वैलर्स दुकान पर हमले की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सौरभ के अनुसार शाम करीब पांच बजे तीन व्यक्ति एक बाइक पर आए और दुकान में घुसकर उनके पिता पर गोली चला दी। गोली लगने से उनके पिता घायल हो गए और हमलावर जहांगीरगंज की ओर भाग निकले थे। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमले की धाराओं में मामला दर्ज किया था। विवेचना के दौरान सुमित यादव, विजेंद्र उर्फ बेचू यादव और सुनील यादव का नाम प्रकाश में आया। 17 जून 2014 को तत्कालीन थानाध्यक्ष योगेश शाह अपनी टीम के साथ गश्त पर थे। तभी लाडलापुर के पास उन्हें एसओजी प्रभारी मनबोध तिवारी से सूचना मिली कि दो बाइक पर पांच बदमाश रामनगर की ओर भाग रहे हैं। चनगहवा पुलिया के पास पुलिस ने घेराबंदी की, लेकिन बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने चार बदमाशों को पकड़ा, जबकि एक भाग गया। पूछताछ में पकड़े गए बदमाशों ने अपनी पहचान राजेसुल्तानपुर के बरोही पुरा पांडेय निवासी सुनील यादव, आजमगढ़ के देवारा थजीद राहे का पुरवा निवासी राहुल यादव, राजेसुल्तानपुर के परसनपुर ननासी राम नाथ गौड़ और गोरखपुर जिले के सहजनवा साथीपार निवासी रामेश्वर हरिजन के रूप में बताई।
तलाशी के दौरान सुनील यादव के पास से दो नाली बंदूक और दो खोखा बरामद हुआ था। 14 जुलाई 2018 से 14 जनवरी 2019 तक जिला कारागार सुल्तानपुर में और उसके बाद जिला कारागार लखनऊ में चारों निरुद्ध रहे। पुलिस ने ज्वैलर्स पर जानलेवा हमला, पुलिस टीम पर हमला और एक अन्य मामले में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। अदालत ने तीनों मामलों की सुनवाई के बाद सुनील यादव को दोषी पाया। इसमें पुलिस और व्यापारी पर हमले के मामले में 10-10 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई और 16 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। एक अन्य साजिश के मामले में तीन साल की सजा और तीन हजार रुपये अर्थदंड लगाया। शेष आरोपियों की पत्रावली अलग कर सुनवाई हो रही है।