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अघोषित बिजली कटौती से उपभोक्ता परेशान

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अंबेडकरनगर। जिले में लोगों को बिजली कटौती से निजात नहीं मिल पा रही है। तापमान में गिरावट आने के साथ ही बिजली की खपत भी कम हो गई, मगर विद्युत कटौती कम होने का नाम नहीं ले रही है। ग्रामीण क्षेत्र की बात तो दूर, जिला मुख्यालय पर ही उपभोक्ताओं को अघोषित विद्युत कटौती का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिदिन लगभग सात घंटे की अघोषित बिजली कटौती से उपभोक्ता परेशान हैं। इससे न सिर्फ उपभोक्ताओं के समक्ष पेयजल का संकट खड़ा हो रहा है, बल्कि छोटे उद्योग धंधे भी प्रभावित हो रहे हैं। बदतर विद्युत आपूर्ति का मुख्य कारण एक तरफ जहां जर्जर हो चुके उपकरण बन रहे हैं, तो वहीं जिला मुख्यालय पर नई सड़क के फोरलेन निर्माण के लिए विद्युत खंभों को स्थानांतरित किया जाना भी है।
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उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली उपलब्ध कराने का दावा तो बढ़-चढ़कर पावर कॉर्पोरेशन की ओर से किया जाता है, लेकिन वास्तविकता से इससे कहीं परे है। जर्जर उपकरणों के सहारे की जाने वाली विद्युत आपूर्ति उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली मिलने में बड़ी बाधा बन रही है। ग्रामीण क्षेत्र की बात तो दूर जिला मुख्यालय के उपभोक्ताओं को ही सुचारु बिजली नहीं मिल पा रही है। बैरपुर बरवां, मरैला व अकबरपुर विद्युत विद्युत उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ता तापमान में गिरावट आने के बाद भी समुचित बिजली का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
आलम यह है कि प्रतिदिन जिला मुख्यालय के उपभोक्ताओं को 24 घंटे में लगभग सात घंटे बगैर बिजली के रहना पड़ता है। इससे एक तरफ जहां उपभोक्ता अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर हो रहे हैं, तो वहीं उन्हें पेयजल के लिए भी इधर-उधर भटकना पड़ता है। शनिवार की रात भी एक तरफ जहां मरैला विद्युत उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं को लगभग पूरी रात बिजली नहीं मिल सकी, तो वहीं अकबरपुर व बैरमपुर बरवां विद्युत उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं को रविवार दिन भी बदतर विद्युत आपूर्ति का दंश झेलना पड़ा।
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पेयजल के लिए भटके उपभोक्ता
रविवार को सुबह विद्युत कटौती होने के चलते उपभोक्ताओं को पेयजल के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर होना पड़ा। शहजादपुर के उपभोक्ता रामअधार व अनुराग ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि तापमान में गिरावट के बावजूद सुचारु बिजली नहीं मिल रही है। रात तो गुजर जाती है, लेकिन सबसे अधिक समस्या पेयजल को लेकर हो रही है। रविवार को सुबह पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। नई सड़क के उपभोक्ता राजेश कुमार व संदीप ने कहा कि वे ऊपरी मंजिल पर रहते हैं। रविवार को सुबह बिजली न होने के चलते टुल्लू पंप नहीं चला। टंकी में पानी भी समाप्त हो गया। इससे उन्हें एक-एक बाल्टी पानी के लिए भटकना पड़ा।
उपलब्ध कराई जाए सुचारु बिजली
अकबरपुर निवासी अजय कुमार सिंह ने कहा कि अब जबकि तापमान गिरने से बिजली की खपत कम हुई है, तो ऐसे में बदतर विद्युत आपूर्ति अत्यंत चिंताजनक है। इसमें सुधार लाए जाने की जरूरत है। बदतर विद्युत आपूर्ति का प्रतिकूल प्रभाव छोटे उद्योग धंधों पर भी पड़ रहा है। युवा व्यवसायी आशू ने कहा कि उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली उपलब्ध हो सके, इसके लिए जर्जर हो चुके उपकरणों को बदलना चाहिए। जब तक ऐसा नहीं होगा, तब उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली नहीं मिल सकेगी। युवा व्यवसायी शहाब परवेज ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बदतर विद्युत आपूर्ति का प्रतिकूल प्रभाव छोटे उद्योग धंधों पर पड़ रहा है। इसमें सुधार लाए जाने की जरूरत है।
खंभों के स्थानांतरण से हो रही समस्या
नई सड़क पर चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। इसके लिए विद्युत खंभों के स्थानांतरण का कार्य चल रहा है। यह कार्य ज्यादातर रात में ही होता है। इससे कुछ समस्या आती है। हालांकि मौजूदा समय में सुचारु बिजली उपभोक्ताओं को मिल रही है।
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-वीके पटेल, अधिशाषी अभियंता विद्युत अकबरपुर
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