अंबेडकरनगर। सुबह एक बार फिर मौसम के करवट लेने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच आई थी। हालांकि दिन चढ़ने के साथ माैसम सामान्य हुआ और तेज धूप निकली। किसान खेतों से कट चुकी फसलों को हटाने की कवायद में जुटे हैं। मौसम के बदलाव को देखते हुए थ्रेसर संचालक और कंबाइन संचालकों ने अपने भाव बढ़ा दिए हैं। 1200 रुपये प्रति घंटे की बजाय अब 1400 रुपये तक वसूल रहे हैं। ऐसे में किसानों को चौतरफा मार झेलनी पड़ रही है।
शनिवार की सुबह से ही तेज ठंडी हवा चलने के साथ आसमान में बादल घिर आए थे। उम्मीद जताई जा रही थी एक बार फिर बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए किसानों ने सुबह से ही खेतों में मोर्चा संभाल लिया था। गेहूं के बोझ को हटाना शुरू कर दिया था। साथ ही कुछ किसान थ्रेसर व कंबाइन मशीन के इंतजार में भी थे, ताकि समय से कटाई और मड़ाई का कार्य किया जा सके। सुबह के 10 बजने तक आसमान से बादल तेजी से छंटना शुरू हो गए। देखते ही देखते तेज धूप निकल आई। आलम यह हो गया कि सुबह ठंड भरी हवा के बाद लोगों के दिन में पसीने छूटने लगे। इसके बाद शाम तक यही हालात बने रहे। अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 22 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. रामजीत ने बताया कि अभी बारिश के आसार खत्म नहीं हुए हैं। रविवार को भी बादल छाए रहने के साथ बारिश हो सकती है।
मौसम की मार झेल रहे किसानों पर इस समय महंगाई का बोझ बढ़ गया है। थ्रेसर और कंबाइन चालकों ने प्रति घंटे कटाई और मड़ाई का दाम करीब 200 रुपये तक बढ़ा दिया है। इसके बाद भी संख्या कम होने के कारण समय पर किसान फसलों को कटवा नहीं पा रहे हैं।
क्या कहते हैं किसान
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जलालपुर तहसील क्षेत्र के करमैनी निवासी बजरंगी मौर्य ने बताया कि खराब मौसम को देखते हुए और अनाज को सुरक्षित करने के लिए दिन-रात मेहनत की जा रही है और कंबाइन मशीन व थ्रेसर मशीनों के मालिकों की मनमानी चल रही है। 200 और 300 रुपये दाम बढ़ा दिए गए हैं। वाजिदपुर निवासी जिया लाल यादव ने बताया कि वे मौसम बरसात की वजह से फसल को ज्यादा नुकसान हो गया है। दो बीघा फसल काट कर मशीन से कटवाकर रखा था। आंधी और तूफान के बीच 20 बोझ गेहूं का उड़ गया है। नेवादा निवासी उत्तम मिश्रा ने बताया कि कंबाइन मशीन और थ्रेशर मालिकों की मनमानी से दोहरी मार पड़ रही है।