अंबेडकरनगर। ग्रीष्मावकाश के बाद 16 जून से जिले में संचालित 1853 परिषदीय स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इसके बावजूद इन स्कूलों में पढ़ने वाले दो लाख से अधिक छात्र छात्राओं को पुरानी किताबों से ही काम चलाना पड़ेगा। राज्य स्तर पर किताबों की खरीद के लिए टेंडर हो जो के बावजूद जिलास्तर पर इनका क्रय आदेश जारी न हो पाया है। इसके चलते ही तमाम दावों के बाद भी नए शिक्षा सत्र में बच्चों को दी जाने वाली किताबों की खरीद अभी तक अटकी है।
अप्रैल माह से प्रारंभ हुए नए शिक्षा सत्र से पहले दावा किया गया था कि नए शिक्षा सत्र पर शिक्षण कार्य प्रारंभ होने से पहले किताबें छात्र-छात्राओं के हाथों में होगी। इसके बावजूद अप्रैल से शुरू हुए नए सत्र में दो माह के दौरान भी बच्चों को पढ़ाई के लिए नयी पुस्तकें नही मिली। जिले में संचालित 1853 परिषदीय विद्यालयों में 2.04 लाख बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। शासन के निर्देशानुसार ग्रीष्मावकाश 15 जून को समाप्त हो रहा है।
16 जून से विधिवत परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। बीएसए कार्यालय के जिम्मेदार बताते हैं कि राज्यस्तर पर इस संबंध में टेंडर प्रक्रिया तो पूरी कर ली गई, लेकिन जिलास्तर पर क्रय आदेश नहीं दिया गया है। इसके चलते नई पुस्तक के लिए अभी कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा। नई पुस्तकें न मिलने से छात्र-छात्राओं को या तो बगैर पुस्तक के पढ़ाई करनी होगी या फिर पुरानी पुस्तकों से काम चलाना पड़ेगा।
शीघ्र उपलब्ध कराएं पुस्तकेें
अकबरपुर के अभिभावक राजकिशोर व मंगल ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन तो किया जा रहा है, लेकिन उसका समुचित लाभ दिलाने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। ग्रीष्मावकाश के बाद 16 जून से स्कूल तो खुल रहे, लेकिन नई पुस्तक नहीं उपलब्ध कराई जा सकी है। जलालपुर के संदीप व टांडा के मेवालाल ने कहा कि छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा दी जा सके, इसके लिए नई पुस्तकें शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं। दूसरी तरफ बीएसए भोलेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि नयी पुस्तकों के लिए राज्यस्तर पर टेंडर हो चुका है। शीघ्र ही जिले में इसकी उपलब्धता बच्चों तक पहुंचायी जाएगी।