अंबेडकरनगर। दोपहर के करीब 12 बज रहे थे। जिला मुख्यालय से अयोध्या मार्ग पर 18 किलोमीटर दूर अयोध्या सीमा पर यादव नगर बैरियर पर सड़क की एक ओर तमाम छोटी बड़ी गाड़ियां फंसी हुईं थीं। कोई खाना बना रहा था तो कोई चाय की तलाश में दौड़ लगा रहा था। वाहनों पर सूख रहे कपड़े और उसमें एकाग्रचित होकर बैठे लोग सिर्फ इसी इंतजार में थे कि कब पुलिस हरी झंडी दिखाए और वह लोग रवाना हो सकें।
पुलिस चौकी के पास अधिकारियों को घेरकर महिलाएं अयोध्या जाने की छूट देने के लिए आवाज बुलंद कर रहीं थीं। जैसे-जैसे धूप तेज होती चली गई, वैसे-वैसे लोगों में नाराजगी भी बढ़ती नजर आई। इन तमाम दुश्वारियों के बावजूद बुजुर्ग हो या महिलाएं सभी में भगवान राम के दर्शन को लेकर उत्साह इतना था कि उनके चेहरे पर मुस्कुराहट एक पल के लिए कम नहीं हुई। अमर उजाला टीम ने चार से पांच घंटे तक इंतजार करने वाले श्रद्धालुओं से समस्याओं पर सवाल किया तो जवाब में सिर्फ इतना ही कहा, जय श्रीराम। (संवाद)
अयोध्या दर्शन हो जाएं तो सफल होगी यात्रा
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हैदराबाद के चिकड़पल्ली से करीब 18 लोगों के समूह के साथ आए शिवकुमार ने बताया कि प्रयागराज और वाराणसी के दर्शन हो चुके हैं। अब अयोध्या दर्शन की कामना है। अगर दर्शन हो जाएं तो पूरी यात्रा सफल हो जाएगी। इनके साथ आए बुजुर्ग एस नारायण के पैरों में दिक्कत होने के बावजूद कोई नाराजगी चेहरे पर नहीं थी। वहीं, बिहार की मंजू देवी व अर्चना ने बताया कि उनके साथ करीब 100 लोगों का समूह अलग-अलग गाड़ियों से हैं। आठ फरवरी को वह लोग बिहार से निकले थे। वाराणसी, विंध्यांचल और प्रयागराज के दर्शन के बाद अयोध्या जा रहे हैं। प्रयागराज से सोमवार शाम को निकले थे। अयोध्या सीमा पर पहुंचने में 16 घंटे लग गए। चाहे कितनी भी देर लगे, दर्शन करके ही जाना है।
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होटल-ढाबा संचालकों के खिले चेहरे, बढ़ा कारोबार
देश भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन से होटल एवं ढाबा संचालकों के चेहरे खिल उठे हैं। कमरों की मांग इतनी अधिक है कि होटल संचालक पूरी नहीं कर पा रहे हैं। सोमवार की रात शहर के तमाम होटल फुल रहे। अयोध्या हाईवे पर संचालित होने वाले ढाबों पर वाहनों की कतार लगी रही। चाय की छोटी गुमटियों पर भी श्रद्धालुओं का आवक बढ़ गई है। बैरियर के पास संचालित हो रही दुकानों की तो मानो चांदी फूट पड़ी है। चाय से लेकर जलेबी-समोसा हांथों-हाथ बिक रहा है।
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चनहा व सेवागंज में जाम रोकने को किए उपाय
एएसपी विशाल पांडेय ने बताया कि सुल्तानपुर से हैदरगढ़, हैदरगढ़ से भीटी चौराहा होते हुए चनहा चौराहा पर भेज रहे थे। इस पर हैदरगढ़ बॉर्डर पर फोर्स लगाकर वही पर बाराबंकी सीमा में रोक रहे हैं। वहीं पीढ़ी सुल्तानपुर में भीटी इंस्पेक्टर को लगाकर वाहनों को वहीं से डायवर्ट किया जा रहा है। इससे चनहा पर स्थिति सामान्य रही है। धर्मनगर पुल पर ट्रक व अन्य वाहनों को डायवर्ट कर बस्ती की ओर भेज रहे हैं। सांवरिया पर गोरखपुर, बस्ती आजमगढ़ के लिए डायवर्ट किया जा रहा है। इससे यहां आज वाहनों की कतार नहीं लगी।