बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की बाल रोग की ओपीडी में बच्चों का उपचार करते चिकित्सक। संवाद
अंबेडकरनगर। बदलते मौसम का असर बच्चों की सेहत पर भी देखने को मिल रहा है। तेज धूप तो कभी बारिश और उमस भरे वातावरण के कारण बच्चों में वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम, खांसी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को लेकर उपचार कराने पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में बाल रोग की दो ओपीडी में करीब 190 बच्चों का उपचार किया गया। इनमें एक कक्ष में ही 104 बच्चों का उपचार किया गया, जिसमें तीन बच्चों को भर्ती किया। इनमें से 35 बच्चे पेट दर्द और दस्त के रहे जबकि अन्य सर्दी और खांसी के रहे।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अविनाश रस्तोगी ने बताया कि बारिश के मौसम में संक्रमण तेजी से फैलता है। बच्चों में डायरिया, सर्दी-जुकाम और बुखार के लक्षण दिखाई पड़ते हैं। ऐसे में अभिभावक बच्चों को ठंडी चीजों से दूर रखें और सादा या गुनगुना पानी पीने को दें। लगातार खांसी आने पर खुद से दवा देने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अविनाश के अनुसार मौसम में आ रहा बार-बार का बदलाव बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर असर डाल रहा है। ऐसे में उमस और नमी के कारण बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनप रहे हैं। इस कारण अधिकांश बच्चों में तेज बुखार, डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) और पेट में इंफेक्शन की शिकायत हो रही है। इस मौसम में बच्चों को फ्रिज का ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक, आइस्क्रीम और बासी खाने से बिल्कुल दूर रखें। सुबह के समय छोटे बच्चों को पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाएं। दोपहर में तेज धूप या गर्मी होने पर अचानक एसी या कूलर के ठीक सामने न बैठाएं। खाने से पहले बच्चों के हाथ साबुन से अच्छी तरह धुलवाएं।