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Ambedkar Nagar News: चेयरमैन के अधिकार सीज, सफाई संकट व टेंडर की जांच में खुली घोटाले की परतें

Sat, 04 Oct 2025 12:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
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अंबेडकरनगर। नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा के चेयरमैन ओमकार गुप्ता के खिलाफ शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। भाजपा से जुड़े चेयरमैन के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार तत्काल प्रभाव से सीज कर दिए गए हैं। जब तक वे आरोपों से बरी नहीं हो जाते, उन्हें नगर पंचायत के किसी कार्य में दखल देने की अनुमति नहीं होगी। चेयरमैन से पूरे प्रकरण पर 15 दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। शासन के इस निर्णय को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, जबकि जिम्मेदार अभी इस पर कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे हैं।
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फरवरी 2025 में सभासद विनोद भारती ने चेयरमैन के खिलाफ 22 सूत्रीय शिकायती पत्र दिया था। इसके बाद जिलाधिकारी ने समिति गठित कर जांच करवाई, जिसमें सामने आया कि जेके इंफ्रा नामक फर्म को नियम विरुद्ध टेंडर की अनुमति दी गई, जबकि न्यूनतम तीन वर्षों का अनुभव अनिवार्य था। टेंडर की शर्तों में भी मनमानी ढंग से शिथिलता बरती गई। जांच के बाद उक्त फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। चेयरमैन ने नगर पंचायत में धरना प्रदर्शन कर दबाव बनाया, जिससे सामान्य कामकाज बाधित हुआ। 28 जनवरी से 1 फरवरी 2025 तक चेयरमैन के आदेश पर सफाईकर्मियों को कार्य से विरत कर दिया गया, जिससे नगर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था चरमरा गई। अन्य नगर पंचायतों से सफाईकर्मियों को बुलाकर स्थिति संभालनी पड़ी। आउटसोर्स कर्मचारियों को वेतन भुगतान में देरी और पर्वों (होली, रमजान) के समय भुगतान में अड़चनें पैदा की गईं। रुबी के निधन के बाद उत्तराधिकार नामांतरण में जानबूझकर देरी की गई। सभासद विनोद कुमार पर जानलेवा हमला, जिसके तार चेयरमैन से जोड़े जा रहे हैं। दो साइन बोर्ड स्वीकृति के बावजूद हटाए गए।


तत्कालीन डीएम की रिपोर्ट पर हुआ एक्शन
शासन की यह कार्रवाई 13 व 22 मार्च 2025 में तत्कालीन डीएम अविनाश सिंह द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर की गई है। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि उक्त प्रकरण से राष्ट्र, समाज और शासकीय व्यवस्था को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने चेयरमैन के अधिकार सीज करने की संस्तुति की थी, जिसे शासन ने गंभीरता से लेते हुए लागू कर दिया।
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सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

शासन की कार्रवाई के बाद बुधवार को दिनभर सोशल मीडिया पर बहस का दौर चलता रहा। कुछ लोग चेयरमैन के समर्थन में खड़े नजर आए, तो कई लोगों ने उनके खिलाफ प्रतिक्रिया दी। चेयरमैन ओमकार गुप्ता ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपना पक्ष रखने की कोशिश की।

अतिक्रमण हटाने से शुरू हुआ विवाद
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से विवाद की शुरुआत हुई थी। नगर पंचायत कर्मियों से मारपीट की एफआईआर 22 दिन बाद दर्ज की गई। हम सभी बिंदुओं पर तथ्यों के साथ जवाब देंगे।
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ओमकार गुप्ता, चेयरमैन

शासन ने लिया निर्णय
चेयरमैन के अधिकार सीज करना शासन का निर्णय है। अनियमितताओं की जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
अनुपम शुक्ला, जिलाधिकारी
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