केंद्र व्यवस्थापक की जांच के दौरान ये मामला पकड़ा गया। इसी मामले में विद्यालय का लिपिक के खिलाफ भी केस दर्ज कराया गया है। इसके अलावा शहजादपुर स्थित एक परीक्षा केंद्र में एक छात्रा के प्रवेशपत्र पर छात्र का फोटो होने एवं कोई मुहर न लगी होने पर डीआईओएस ने केंद्र व्यवस्थापक को कड़ी फटकार लगाई।
यूपी बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन ढंग से कराने के लिए जिला प्रशासन की सख्ती का असर दिखने लगा है। सोमवार को पहली पाली में हाईस्कूल उर्दू परीक्षा में आलापुर जीजीआईसी में केंद्र व्यवस्थापक विद्यावती ने जांच के दौरान एक गड़बड़ी पकड़ी। इस केंद्र पर एसएन इंटर कॉलेज इंदईपुर का सेंटर आया हुआ है।
सोमवार को परीक्षा के दौरान जांच में पाया गया कि सलीम नाम के एक छात्र के प्रवेश पत्र पर फोटो तो उसका लगा हुआ है पर नाम किया दूसरे परीक्षार्थी का नाम लिखा था। उसे परीक्षा से रोकते हुए केंद्र व्यवस्थापक ने संबंधित छात्र सलीम व एसएन इंटर कॉलेज के लिपिक के खिलाफ आलापुर थाने में केस दर्ज करा दिया।
उधर साहबदीन इंटर कॉलेज शहजादपुर में डीआईओएस ने एक गड़बड़ी पकड़ी। यहां हाईस्कूल की छात्रा नाजरीन के प्रवेशपत्र पर किसी छात्र का फोटो था। प्रवेश पत्र पर किसी प्रकार की मोहर भी नहीं लगी हुई थी।
इस पर डीआईओएस डॉ. आरपी वर्मा ने केंद्र व्यवस्थापक को कड़ी फटकार लगाते हुए विद्यालय को भविष्य में परीक्षा केंद्र न बनाए जाने की संस्तुति की। उधर सोमवार को प्रथम पाली में हाईस्कूल उर्दू परीक्षा में 4 हजार 952 परीक्षार्थियों को शामिल होना था, लेकिन 4 हजार 409 परीक्षार्थी परीक्षा शामिल हुए।
547 परीक्षार्थियों ने परीक्षा से किनारा किए रखा। द्वितीय पाली में इंटरमीडिएट रसायन विज्ञान की परीक्षा के दौरान भी जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट सहित शिक्षा विभाग द्वारा गठित सभी पांच सचल दल ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर परीक्षा का जायजा लिया। साथ ही नकलविहीन परीक्षा संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए।