अंबेडकरनगर। पूर्वांचल के ऐतिहासिक मेले की शुरुआत होने में चंद दिन शेष रह गए हैं, लेकिन मठ परिसर में चारों तरफ अभी भी अव्यवस्थाएं फैली हुई हैं। न तो साफ-सफाई का काम शुरू हुआ है और न ही सरोवर के चारों तरफ बैरीकेडिंग की जा सकी है। इससे मेला क्षेत्र में दूरदराज से आए दुकानदारों को दिक्कत हो रही है। हालांकि जिला पंचायत की ओर से जर्जर हो चुके टीन शेड को बदलवाया जा रहा है।
एक माह तक चलने वाले ऐतिहासिक मेले का शुभारंभ 10 दिसंबर से होना है। इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु सरोवर में डुबकी लगाएंगे और मठ में पूजा-अर्चना भी करेंगे। मेला मैदान में इस बीच दूरदराज के क्षेत्र से दुकानदारों के पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। इन सबके बाद भी सफाई समेत अन्य व्यवस्थाओं को लेकर जिम्मेदार अब तक गंभीर नहीं हुए हैं। मठ परिसर में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा है।
रैन बसेरे की भी सफाई नहीं की जा सकी है। सरोवर की सफाई तो हो गई, लेकिन उसके चारों तरफ बैरीकेडिंग नहीं की जा सकी है। मठ परिसर में स्थित अत्यंत जर्जर हो चुके भवन को बीते दिनों ही ढहा दिया गया था। अब संबंधित भूमि को समतल किए जाने का काम शुरू किया गया है।
उधर, मेला समिति अध्यक्ष भोमेंद्र सिंह ने बताया कि सोमवार से मठ परिसर की साफ-सफाई का काम शुरू कर दिया जाएगा। बैरीकेडिंग का काम जिला पंचायत कराता है। रैन बसेरे की भी सफाई सोमवार से शुरू हो जाएगी। इसी के साथ रंगरोगन का काम भी प्रारंभ कर दिया जाएगा।
दुकानदारों को हो रही मुश्किल
मेला क्षेत्र में पहुंचे दुकानदारों को साफ-सफाई बेहतर न होने से मुश्किल हो रही है। रवींद्र कुमार ने कहा कि गंदगी के चलते मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। रैन बसेरा भी गंदा है, ऐसे में दुकान पर ही सोने की व्यवस्था करनी पड़ रही है। दुकानदार मेवालाल ने कहा कि अब जबकि मेला प्रारंभ होने में महज कुछ ही दिन शेष हैं, तो ऐसे में जिम्मेदारों को व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त करनी चाहिए। साफ-सफाई के साथ साथ पेयजल, व प्रकाश ठंड को देखते हुए अलाव की भी व्यवस्था की जानी चाहिए।