युवक की हत्या के बाद घटनास्थल का निरीक्षण करते एसपी डॉ. कौस्तुभ।
अंबेडकरनगर। बेवाना थाना क्षेत्र के संगिया नारायणपुर गांव के निकट शुक्रवार रात रुपयों के लेनदेन के विवाद में ट्रांसपोर्ट व्यवसायी की चापड़ और गोली मारकर हत्या कर दी गई। शनिवार सुबह उनका खून से लथपथ शव मिलने पर घटना की जानकारी हुई। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए मुख्य आरोपी और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर 24 घंटे के भीतर वारदात का खुलासा कर दिया।
पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि अकबरपुर कोतवाली के बसखारी मार्ग निवासी विनोद उपाध्याय मूलरूप से मालीपुर थाने के उस्मापुर गांव के रहने वाले थे। वह ट्रांसपोर्ट के व्यवसाय के अलावा लोगों को ब्याज पर पैसे भी देते थे। विनोद ने महरूआ थाने के बरामदपुर लोहरा निवासी सुनील यादव को ब्याज पर पैसे दे रखे थे, जो वह वापस नहीं कर रहा था। इसी को लेकर दोनों में विवाद चल रहा था।
शुक्रवार की रात विनोद अपना पैसा लेने के लिए सुनील के पास गया था। बेवाना थाना के संगिया नारायणपुर गांव के पास सुनील अपने साथी बेवाना के होरिलपुर गांव के अनूप यादव, अकबरपुर कोतवाली के सोनगांव निवासी रवि यादव, महरूआ के बरामदपुर लोहरा निवासी यशवंत यादव व दिलीप यादव के साथ खड़ा था। विनोद के पहुंचते ही सुनील और उसके साथियों ने उन पर चापड़ से हमला कर दिया। बाद में सुनील ने विनोद पर पिस्टल से दो फायर किए। एक फायर मिस हो गई। दूसरी गोली विनोद के सिर पर लगी। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर भाग निकले। पुलिस ने सुनील, यशवंत, अनूप और रवि यादव को गिरफ्तार करके पिस्टल व चापड़ बरामद कर लिया है। दिलीप की तलाश की जा रही है।
भतीजे को फोन कर जताई थी अनहोनी की आशंका
भतीजे विजय के मुताबिक शुक्रवार देर शाम उनके चाचा विनोद अपने गांव उस्मापुर आए थे। वहीं से उन्होंने सुनील यादव को फोन किया था। दोनोंं के बीच रुपयों के लेनदेन बहस भी हुई थी। इसके बाद विनोद ने भतीजे विजय को फोन कर घटना की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि वह अपना पैसा लेने सुनील के पास जा रहे हैं। उनके साथ कोई अनहोनी होती है तो इसका जिम्मेदार सुनील होगा। विजय ने बताया कि रात 11:45 बजे आखिरी बार उनकी चाचा से फोन पर बात हुई थी। 11:50 बजे जब उन्होंने अपने चाचा को फोन किया तो कॉल रिसीव नहीं हुई। कई बार फोन करने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। सुबह तक जब चाचा घर नहीं पहुंचे तो वह बाइक लेकर बरामदपुर लोहरा गांव की तरफ खोजने निकल पड़े। गांव से करीब एक किलोमीटर पहले सड़क पर उनके चाचा का खून से लथपथ शव पड़ा मिला। शव के पास दो कारतूस भी पड़े थे।