अंबेडकरनगर। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बीते 14 घंटे के भीतर नदी का जलस्तर 76 सेंटीमीटर बढ़ गया। ऐसे में नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। खासकर टांडा व आलापुर तहसील क्षेत्र के 23 गांवों बाढ़ से प्रभावित होते हैं। बाढ़ से बचाव के लिए जिला प्रशासन से सभी आवश्यक तैयारियां पूर्व में ही पूरी कर ली हैं।
अंबेडकरनगर जनपद के दो तहसीलों टांडा और आलापुर से होकर गुजरने वाली सरयू नदी का जलस्तर हर घंटे बढ़ता जा रहा है। सिंचाई खंड टांडा के अनुसार शुक्रवार की शाम छह बजे सरयू का जलस्तर 82.91 मीटर था। शनिवार सुबह जलस्तर में 76 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई और सुबह आठ बजे यह 83.67 मीटर पहुंच गया। विभाग के अनुसार अभी नदी के जलस्तर में हर घंटे बढ़ोतरी होती रहेगी। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण माझा क्षेत्र के आधा दर्जन गांव के लोगों की चिंताए बढ़ने लगी हैं। वहीं आसपास के किसानों को इस बार फिर कटाव का संकट झेलना पड़ सकता है।
बतातें चलें कि गत वर्ष नदी के जलस्तर में वृद्धि व कटान से 50 बीघे से अधिक फसल के अलावा लगभग पांच बीघे आम की बाग नष्ट हो गई थी।
ये क्षेत्र होते हैं प्रभावित
टांडा तहसील क्षेत्र के 10 गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं, जिनमें माझा उल्टहवा, करमपुर बरसावां, अवसानपुर, महरीपुर, माझाकला, माझा छज्जा, माझा चिंतौरा, माझा रसूलपुर बाकरगंज, माझा केवटला व नैपुरा शामिल हैं। वहीं आलापुर तहसील क्षेत्र के माझा कम्हरिया, माझा अराजीदेवारा, मकरही, शमसुद्दीनपुर, गिरजापुर, इंदईपुर, धनुकारा, चहोड़ा, नासिरपुर, कम्हरिया, बंगालपुर व इसरौली में भी बाढ़ का खतरा मंडराता रहता है।
ये हैं तैयारियां
आपदा कार्यालय के अनुसार बाढ़ से निपटने के लिए दोनों तहसीलों में बाढ़ चौकी, गोताखोर, नाव, नाविक व खाद्यान्त्र की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। टांडा तहसील क्षेत्र में पांच बाढ़ चौकियों का निर्माण किया गया है। वहीं आलापुर तहसील में आठ बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। टांडा तहसील के लिए 16 गोताखोर व आलापुर के लिए 21 गोताखोर लगाए गए हैं। टांडा में 29 और आलापुर में 11 नाव किराये पर ली गई हैं। इसके अलावा टांडा में 76 व आलापुर में 20 नाविकों को सक्रिय किया गया है।
जलस्तर पर रखी जा रही नजर
सरयू के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रहीं है। सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.89 मीटर नीचे था। बाढ़ से बचाव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नाविक और गोताखोरों को भी सक्रिय कर दिया गया है। -शिव प्रसाद सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड टांडा