जलालपुर ( अंबेडकरनगर)। अतिक्रमण के चलते अस्तित्व बचाने का संघर्ष कर रही तमसा नदी को कब्जामुक्त करने के लिए शीघ्र ही बुलडोजर चलेगा। लगभग दो वर्ष पहले नगर पालिका व राजस्व की संयुक्त टीम ने नदी के मध्य से दोनों तरफ सौ-सौ मीटर में किए गए अतिक्रमण का चिह्नांकन तो किया था लेकिन मकानों की गिनती नहीं हो सकी थी। अब शीघ्र ही न सिर्फ मकानों की गणना की जाएगी।
नगर से होकर गुजरने वाली तमसा नदी लंबे समय से अतिक्रमण का शिकार है। लगातार बढ़ते अतिक्रमण का आलम यह है कि कई स्थानों पर नदी नाले में बदल गई है। अस्तित्व से संघर्ष कर रही तमसा नदी से कब्जा हटाने को लेकर समय-समय पर अलग-अलग संगठनों व सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा आवाज बुलंद की जाती रही।
इसे संज्ञान में लेते हुए तत्कालीन डीएम सैमुअल पॉल एन ने अकबरपुर व जलालपुर में नदी को एनजीटी के निर्देशों के अनुरूप अतिक्रमणमुक्त किए जाने के लिए जरूरी प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया था। इस पर नगर पालिका जलालपुर व राजस्व की संयुक्त टीम ने नदी की बीच धारा से दोनों तरफ सौ-सौ मीटर सीमा में आने वाले मकानों व प्रतिष्ठानों पर लाल निशान लगाया था।
हालांकि प्रक्रिया सिर्फ लाल निशान लगाने तक ही सीमित रह गई। न तो संबंधित क्षेत्र में आने वाले मकानों व प्रतिष्ठानों की गिनती की गई और न ही अतिक्रमण हटाने को लेकर ही कोई गंभीरता दिखाई गई। ऐसे में देखते ही देखते दो वर्ष बीत गए, स्थिति जस की तस रह गई।
अब इस बीच एक बार फिर से नदी को अतिक्रमणमुक्त करने के लिए जरूरी प्रक्रिया प्रारंभ होगी। शीघ्र ही नगर पालिका परिषद व राजस्व की संयुक्त टीम द्वारा संबंधित क्षेत्र में आने वाले भवनों की गिनती की जाएगी। इसके बाद पहले अतिक्रमण करने वालों को खुद ही अतिक्रमण हटाने की नोटिस जारी किया जाएगा। यदि उनके द्वारा अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो फिर अतिक्रमण पर बुलडोजर चलेगा।
शीघ्र शुरू होगी भवनों की गणना
लोकसभा चुनाव पूरी तरह से संपन्न होने के बाद एक बार फिर से नगर पालिका व राजस्व की संयुक्त टीम द्वारा भवनों की गणना की जाएगी। इसके बाद जरूरी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। - संतोष कुमार, तहसीलदार जलालपुर