अंबेडकरनगर। कर रेट बढ़ाए जाने के प्रस्ताव के विरोध में सोमवार को जिला ईंट निर्माता समिति की ओर से सदस्यों ने कलेक्ट्रेट के निकट एक दिवसीय धरना दिया। अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष श्रीराम वर्मा ने कहा कि कोरोना संकट का प्रतिकूल प्रभाव ईंट कारोबार पर पड़ा है। इन सबके बावजूद बीते दिनों हुई काउंसिल की बैठक में विभिन्न प्रकार के कर बढ़ाए जाने का प्रस्ताव दिया गया है। यदि ऐसा होता है तो इससे ईंट व्यवसाय पर बुरा असर पड़ेगा।
सामान्य रूप से ईंटों पर कर दर 5 प्रतिशत है, जिसे 12 प्रतिशत किए जाने का प्रस्ताव दिया गया है। यह ईंट भट्ठा व्यवसाय के लिए अत्यंत नुकसानदायक साबित होगा। उत्तम चौधरी, इसरार आलम, अब्दुल सलाम खां, जंगबहादुर वर्मा, रामप्रकाश यादव, विजय कुमार, रामप्रीत, रामजनम ने कहा कि यदि प्रस्तावित कर को लागू किया गया, तो इससे ईंट के दाम में भी वृद्धि होगी। इससे लोगों का पक्के आवास में रहने का सपना पूरा नहीं हो सकेगा। ऐसे में प्रस्तावित कर को वापस लिया जाए। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ, तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। (संवाद)