फरीदपुर गांव में रोते बिलखते परिजन।
जहांगीरगंज (अंबेडकरनगर)। क्षेत्र के टंडवा फरीदपुर गांव में रविवार शाम को सरयू नदी में नहाने गए दो सगे भाइयों के डूबने के 17 से 19 घंटे बाद सोमवार को उनके शव निकाले जा सके। एसडीआरएफ की टीम ने घटनास्थल से ढाई किलोमीटर दूर घूरे शहीद गांव के पास बड़े भाई आदर्श व आठ किलोमीटर दूर बंगालपुर के पास छोटे भाई आयुष के शव को ढूंढ निकाला। शवों के बाहर निकलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
जहांगीरगंज क्षेत्र स्थित फरीदपुर गांव के गिरिजेश दिल्ली के मंगोलपुरी में रहते हैं और पीओपी का काम करते हैं। पत्नी शांति देवी भी पुत्र आयुष (12) और आदर्श (13) के साथ रहते थी। बीते 12 जून को ग्रीष्मकालीन अवकाश में परिवार के साथ दोनों भाई गांव आए थे। रविवार शाम करीब छह बजे आयुष और आदर्श अपनी मां, चाचा बृजेश व मामा के साथ सरयू नदी के किनारे टहलने गए थे। सरयू नदी में नहाते समय दोनों भाई डूब गए थे। घटना के बाद पहले स्थानीय गोताखोरों ने तलाश की थी, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लग सका था।
सोमवार को गोरखपुर से एसडीआरएफ टीम बुलवाकर तलाशी अभियान शुरू कराया गया, जिसके बाद सुबह 11 से डेढ़ बजे के मध्य एक-एक कर दोनों के शव बाहर निकाले जा सके। बेटों का शव देख मां कांति देवी दहाड़े मारकर चीखने लगीं। वह रह-रहकर अचेत हो जा रहीं थीं। पिता गिरिजेश के साथ चाचा व परिवार के अन्य लोग रो-रोकर बेहाल हैं।
देर शाम तक दोनों का अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका था। थाना प्रभारी अजय यादव ने बताया कि भाइयों का शव मिलने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एसडीएम आलापुर सुभाष सिंह ने बताया कि लेखपाल से जांच कराकर पीड़ित परिवार को मदद मुहैया कराई जाएगी।