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Ambedkar Nagar News: ब्लड बैंक में चार निगेटिव ग्रुप का खून उपलब्ध नहीं

Sat, 06 Apr 2024 10:31 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
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चार पॉजिटिव ग्रुप का भी सिर्फ 15 यूनिट खून बचा
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मरीजों को करने पड़ रहे वैकल्पिक प्रबंध, कई को मिल रही निराशा
संवाद न्यूज एजेंसीअंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में ऑपरेशन व गंभीर बीमारियों से जुड़े मरीजों का संकट बढ़ गया है। चार महत्वपूर्ण निगेटिव ग्रुप ए, बी, एबी व ओ का खून ही नहीं है। चार पॉजिटिव ग्रुप का भी महज 15 यूनिट खून बचा है। नतीजा यह है कि यहां आकस्मिक जरूरत में खून मिल पाना कठिन हो गया है। इससे कई बार मरीजों की जान पर बन आ रही है।
खून की कमी से मरीज की जान बचाने व सुचारु रूप से खून की उपलब्धता कराने के लिए जिला अस्पताल में ब्लड बैंक की स्थापना है। कहने को ब्लड बैंक की क्षमता 100 यूनिट की है लेकिन अक्सर यहां खून का टोटा हो जाता है। इन दिनों भी यही स्थिति यहां बन गई है। शनिवार को स्थिति सबसे ज्यादा खराब दिखी। मात्र 15 यूनिट खून ब्लड बैंक में उपलब्ध था।
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ब्लड बैंक प्रशासन के अनुसार एक यूनिट ए पॉजिटिव, एक यूनिट बी पॉजिटिव, दो यूनिट एबी पॉजिटिव, 11 यूनिट ओ पॉजिटिव खून ब्लड बैंक में उपलब्ध है। इसके अलावा ए निगेटिव, बी निगेटिव, एबी निगेटिव व ओ निगेटिव खून है ही नहीं। नतीजा यह है कि ऑपरेशन आदि के लिए जरूरत पड़ने पर मरीजों व तीमारदारों को रक्तदाता की व्यवस्था करने को मजबूर होना पड़ रहा है। शनिवार को जब टीम जिला अस्पताल पहुंची तो वहां खून के लिए तीमारदार इधर उधर भटकते दिखे।

रक्तदान के बाद किसी तरह मिला खून
मित्रसेनपुर निवासी बिल्लू देवी जिला अस्पताल परिसर स्थित मातृ शिशु विंग में भर्ती हैं। आठ अप्रैल को बच्चेदानी का ऑपरेशन होना है। जांच में पाया गया कि उसमें खून की कमी है। ऐसे में उसे ए पॉजिटिव खून चढ़ना था। ब्लड बैंक में घरवालों को बताया गया कि ए पॉजिटिव मात्र एक यूनिट ही है। ऐसे में किसी रक्तदाता को लाना पड़ेगा। इस पर महिला के भाई बृजेश ने रक्तदान किया। इसके बाद संबंधित वर्ग का ब्लड महिला को उपलब्ध कराया जा सका।
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रिश्तेदार ने दिया खून तब मिली राहत
जिला अस्पताल के वार्ड चार में भर्ती मदारपुर निवासी कनीज फातिमा को ए पॉजिटिव खून की जरूरत थी। उनके बाएं पैर में फ्रैक्चर हो गया था। आठ अप्रैल सोमवार को ऑपरेशन होना है। इससे पहले उन्हें संबंधित वर्ग का खून चढ़ाया जाना था। परिवारीजन जिला अस्पताल परिसर स्थित ब्लड बैंक गए तो वहां चला कि मात्र एक यूनिट ब्लड है। इसलिए उसे नहीं दिया जाएगा। इस पर उनके रिश्तेदार शरीफुल हसन ने खून दिया। इसके बाद महिला को खून उपलब्ध हो सका।
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