पुलिस ने चोरों के अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। छह आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही चोरी के 8 चार पहिया व एक दोपहिया वाहन बरामद कर लिया है। दो तमंचा, चार किलो गांजा व एक चाकू भी बरामद की गई। घेराबंदी के दौरान बदमाशों ने फायरिंग कर जानलेवा हमला भी किया जिसमें पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। इस दौरान दो आरोपी भाग निकले।
बुधवार रात एसओ मालीपुर बेचू सिंह यादव तथा स्वॉट टीम प्रभारी संजय सिंह ने दलबल के साथ मालीपुर थाना क्षेत्र के नेमपुर घाट के निकट मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी की। देर रात दो चार पहिया वाहन एक साथ पहुंचने पर उन्हें रोककर तलाशी ली तो पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी गई। घेराबंदी कर पुलिस टीम ने छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया जबकि दो अन्य भाग निकले।
मौके पर मिले दोनों वाहन चोरी के निकले। बाद में उनकी निशानदेही पर चोरी के छह और चार पहिया वाहन बरामद किए गए। पुलिस ने पकड़े गए अभियुक्तों के पास से दो तमंचे, चार कारतूस, चार किलो गांजा व एक चाकू के अलावा वाहन चुराने में प्रयुक्त होने वाले कई उपकरण भी बरामद किए।
पुलिस ने आजमगढ़ जिले के गंभीरपुर चिवटही निवासी नूर आलम, इसी जनपद के फूलपुर भीखपुर निवासी इंद्रेश यादव, कलाफतपुर पवई निवासी रोहित मिश्र व राकेश यादव, अंबेडकरनगर के फरीदपुर जलालपुर निवासी मो. अशरफ तथा अमेठी जनपद के पूरेकरम शिवरतनगंज निवासी मो. खादिम को गिरफ्तार कर लिया। इनमें से इंद्रेश व खादिम के विरुद्ध गोंडा जिले में कई केस दर्ज हैं।
जबकि नूरआलम पर फैजाबाद के महराजगंज थाने में चोरी का केस दर्ज है। एक मामला वाराणसी जिले के लक्सा थाने में भी दर्ज है। जैतपुर के अलावा मालीपुर में हुई वाहन चोरी की पांच घटनाओं का खुलासा इन आरोपियों के पकड़े जाने से हुआ है।
आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वे सुल्तानपुर, आजमगढ़, बनारस, जौनपुर, अमेठी, फैजाबाद, गोंडा, मिर्जापुर व मऊ समेत अन्य जिलों से चार पहिया वाहन चुराते हैं। इसके बाद इंजन व चेचिस नंबर बदलकर या फिर मिटाकर बेच दिया जाता है।