आलापुर(अंबेडकरनगर)। क्षेत्र के नरवा पीतांबरपुर में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को प्रवाचक आचार्य ओम नारायण त्रिपाठी ने भागवत के प्रसंगों से अध्यात्म, आचरण और संस्कार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भागवत कथा केवल सुनने का अनुष्ठान नहीं, यह मनुष्य को जीवन को सही ढंग से जीने की शिक्षा देती है।
कथा का सार यदि व्यवहार में उतर जाए तो मनुष्य का जीवन स्वयं ही सुगंधित और सफल हो जाता है। जिस घर में भागवत कथा का श्रवण होता है, वहां देवताओं का वास होता है।कथा मनुष्य में छिपी दिव्य चेतना को जगाती है। विचारों की पवित्रता जीवन में आनंद और समृद्धि को आकर्षित करती है।ईमानदारी, विनम्रता और सत्य मनुष्य को भगवान का प्रिय बनाते हैं। कठिनाइयां अवश्य आती हैं, परंतु श्रद्धा और धैर्य रखने वाले भक्त को भगवान कभी अकेला नहीं छोड़ते। प्रवाचक ने कहा कि आज युवा मानसिक दबाव और आकर्षणों के बीच खो रहे हैं, ऐसे समय में भागवत कथा मन, बुद्धि और हृदय को पवित्र कर उन्हें सही मार्ग पर अग्रसर करती है। परिवार में आध्यात्मिक वातावरण बनाएं, ताकि बच्चों के अंदर बचपन से ही संस्कारों की नींव मजबूत हो। इस दौरान मनीष मिश्र, विनोद मिश्रा, मनोज मिश्रा, पूर्व पोस्टमास्टर अवधेश कुमार मिश्रा, मुकेश कुमार, सतीश व अन्य उपस्थित रहे।