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अधिकारों को लेकर पूरी तरह सजग रहें छात्राएं

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अंबेडकनगर के रमाबाई पीजी कॉलेज में आयोजित गोष्ठी में मौजूद शिक्षक व छात्राएं। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। महिलाओं, युवतियों व छात्राओं को अपने अधिकार के प्रति जागरूक होना होगा। किसी भी प्रकार की हिंसा को चुपचाप सहने की बजाए उसका पुरजोर विरोध करना चाहिए। साथ ही पूरी मजबूती के साथ आवाज बुलंद करना चाहिए। महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकारों द्वारा विभिन्न प्रकार की सेवाओं का संचालन किया जा रहा है। विषम परिस्थितियों में इन सेवाओं का प्रयोग करना चाहिए। यह बातें प्राचार्या प्रोफेसर शेफाली सिंह ने कही। वे राजकीय रमाबाई महिला पीजी कॉलेज अकबरपुर में मिशन शक्ति अभियान के तहत आयोजित गोष्ठी को संबोधित कर रही थीं।
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प्राचार्या ने छात्राओं से कहा कि पुरुष प्रधान देश में लिंग भेद एक कटु सत्य है। भारतीय समाज में पुरुष वर्चस्व की जड़ें इतनी दूर तक और गहरी पसरी हुई है कि अपने अगल बगल, दाएं बाएं, गली नुक्कड़ समेत जहां नजर दौड़ाएं, वहां प्रत्येक महिला में पितृ सत्तात्मक समाज से मिले अवांछित दबाव की अलग अलग किस्में नजर आएंगी। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत में अब भी कई ऐसी महिलाएं हैं, जो गरीबी और अभाव में अपना जीवन बसर कर रही हैं। शिक्षा और आत्मनिर्भरता स्त्री में बेहतर स्थिति में सहायक तो है, लेकिन स्थिति बेहतर तो तब होगी, जब समाज सोचने का तरीका बदलेगा।
मिशन शक्ति अभियान की समन्वयक डॉ. सुधा ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर व सक्षम बनाना ही आज के समय में अत्यंत जरूरी है। आत्मनिर्भरता के बगैर महिला सशक्तीकरण की कल्पना नहीं की जा सकती है। इसलिए महिला सशक्तीकरण के लिए उनको आर्थिक रूप से मजबूत होना पड़ेगा। आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर महिलाएं वास्तव में सशक्त होती हैं। वे अपने जीवन के निर्णय स्वयं ले सकती हैं। इस दौरान डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. अखिलेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. विश्वनाथ द्विवेदी, डॉ. वालेंटिना प्रिया, रवींद्र वर्मा, डॉ. राजेश, संजय भारती आदि मौजूद रहे।
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