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बैंकों में और गहराया नगदी संकट

Sat, 23 Apr 2016 11:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
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अंबेडकरनगर में शनिवार को बंद पड़े एटीएम। - फोटो : अमर उजाला
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जिले के बैंकों में धन का संकट शनिवार को और गहरा गया। बैंकों में अवकाश के बीच जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के 25 से अधिक एटीएम बूथ खुले ही नहीं जबकि जिन एटीएम में पैसा था भी, वहां उपभोक्ताओं के बीच मारामारी का माहौल रहा।
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कई एटीएम के सामने लोग भोर से ही लाइन लगाए खड़े रहे। सबसे ज्यादा मुश्किल उन उपभोक्ताओं को हो रही है जिन्हें वैवाहिक आयोजनों के लिए धन की जरूरत है। बच्चों की फीस जमा करने से लेकर अन्य काम-काज प्रभावित हो रहे हैं।

बैंकों में लगभग एक सप्ताह से भी अधिक समय से चला आ रहा धन का संकट शनिवार को और ज्यादा गहरा गया। दिन बीतने के साथ ही यह मुश्किल और बढ़ती जा रही है। शुरू में कई बैंक प्रबंधन ने उपभोक्ताओं को भरोसा दिलाया था कि रिजर्व बैंक से आवश्यक करेंसी प्राप्त होने वाली है।
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इसके बाद यह मुश्किल दूर हो जाएगी लेकिन अभी तक स्थिति सुधर नहीं पायी है। हालात दिन-प्रतिदिन बिगड़ रहे हैं। लोग यह मानकर चल रहे थे कि शायद करेंसी मिलने के बाद शनिवार को एटीएम सेवाएं सुचारु ढंग से संचालित हो सके लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 

उपभोक्ताओं की ये सभी उम्मीदें शनिवार को औंधे मुंह गिरी। ऐसा इसलिए क्योंकि जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के 25 से अधिक एटीएम बूथ के शटर शनिवार को खुल ही नहीं सके।

इनमें यूनियन बैंक, एसबीआई, एक्सिस, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, एचडीएफसी व ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स समेत अन्य बैंक के एटीएम शामिल रहे। इसके अलावा इन्हीं सब बैंकों के दर्जनों एटीएम पूरे जिले में ऐसे रहे जिनके शटर तो खुले थे लेकिन वहां करेंसी का संकट था।

वहां पहुंचने वाले उपभोक्ताओं को निराश होकर लौटना पड़ा। हालांकि जिन एटीएम में पैसा उपलब्ध था, वहां सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी लाइन लगी हुई थी। 
अकबरपुर नगर के पटेलनगर में मिले कैलाश वर्मा ने बताया कि वे सुबह पांच बजे ही यहां पहुंच गए थे।

उनसे पहले 11 लोग लाइन में लग चुके थे। अब किसी तरह नंबर आने के बाद धन निकासी हो पायी है। उस पर भी सिर्फ पांच हजार रुपये ही मिल पाए हैं। शहजादपुर में मिले शिवश्याम त्रिपाठी ने बताया कि नगर के तीन एटीएम बंद मिलने के बाद वे यहां पहुंचे हैं।

दो घंटे से लाइन में लगे हैं। मशीन तक पहुंचते-पहुंचते धन निकासी हो पाएगी या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं लग रही है। पुराने तहसील तिराहे पर मिले उपभोक्ता सर्वेश का कहना था कि ऐसी स्थिति तो उन्होंने पहले कभी देखी ही नहीं थी। अपना ही पैसा अपनी जरूरत पर नहीं मिल पा रहा है। 

बैंकों में गहराए धन के संकट ने सबसे ज्यादा मुश्किल सहालग से जुड़े लोगों की बढ़ा रखी है। मिझौड़ा के हुबलाल ने बताया कि उनके घर में 28 अप्रैल को बेटी का विवाह है। कुछ सामान की खरीदारी शेष रह गई है।

जलालपुर के महेंद्र वर्मा ने बताया कि उनके भाई का विवाह 27 अप्रैल को है। कई जरूरी सामान की खरीदारी व अन्य तैयारी के लिए पैसे की जरूरत है। इसके लिए जलालपुर के अलावा अकबरपुर व टांडा तहसील मुख्यालयों तक दौड़ लगा ली गई है।

एटीएम से कुछ सफलता मिली है लेकिन अभी भी काफी रकम की जरूरत है। कुछ इसी तरह का अनुभव कटेहरी के शिवबालक व अकबरपुर के श्रीराम ने भी साझा करते हुए बताया कि वैवाहिक आयोजन की जरूरतें पूरा करने के लिए धन का संकट बैंकों के कारण उत्पन्न हो गया है।

चिंता इस बात की है कि कहीं इसका असर विवाह पर न दिखाई दे। एलडीएम एपी सिंह का कहना है क‌ि उच्च स्तर पर पर्याप्त प्रयास चल रहे हैं। सकारात्मक संकेत मिले हैं। स्थिति जल्द ही पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।
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