जिले में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र।
अंबेडकरनगर। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित पुष्टाहार योजना पूरी तरह से धराशायी हो गई है। टेंडर प्रक्रिया पूरी न होने से करीब तीन माह से संबंधित केंद्रों पर पंजीकृत लगभग सवा दो लाख बच्चों, गर्भवती व धात्री को पुष्टाहार नहीं मिल रहा है।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत छह वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती व धात्री को पुष्टाहार के तौर पर दलिया, दाल व वनस्पति तेल उपलब्ध कराया जाता है। पूर्व में यह जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दी गई थी, मगर समुचित उत्पादन न होने से समूह ने संबंधित केंद्रों को सुचारु रूप से पुष्टाहार नहीं उपलब्ध कराया। ऐसे में अक्तूबर से पुष्टाहार बांटने की जिम्मेदारी शासन ने कार्यदायी संस्था नेफेड को दे दी।
टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के बाद नैफेड को पुष्टाहार की आपूर्ति आंगनबाड़ी केंद्रों पर करनी थी, मगर ऐसा अभी तक नहीं हो पाया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के अनुसार टेंडर प्रक्रिया अभी तक नहीं पूरी हो सकी है। इसके चलते अक्तूबर माह से पुष्टाहार की आपूर्ति प्रभावित है। उधर, जिला कार्यक्रम अधिकारी शशि कुमार ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। शीघ्र ही प्रक्रिया पूरी कर पुष्टाहार की आपूर्ति प्रारंभ कर दी जाएगी।
जिले में इतने आंगनबाड़ी केंद्र
जिले में 2551 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इसमें लगभग दो लाख छह वर्ष तक के बच्चे, 14 हजार गर्भवती व लगभग डेढ़ हजार धात्री पंजीकृत हैं। तीन महीने से इन सभी को पुष्टाहार नहीं मिल सका है।