आलापुर (अंबेडकरनगर)। क्षेत्र के धर्मपुर करमैतेपुर में रामलीला में मंगलवार देर शाम विभीषण शरणागति, रामेश्वर स्थापना, अंगद-रावण संवाद व लक्ष्मण शक्ति प्रसंग का मंचन हुआ।
शुरुआत विभीषण शरणागति प्रसंग से हुई। दृश्य में विभीषण रावण को समझाते हैं कि प्रभु श्रीराम से बैर त्यागकर सीता माता को लौटा दें, लेकिन रावण क्रोध में अंधा होकर विभीषण को लंका से निष्कासित कर देता है। निष्कासन के बाद विभीषण भगवान श्रीराम की शरण में पहुंचते हैं।इसके बाद रामेश्वर स्थापना लीला का मंचन किया गया, जिसमें प्रभु श्रीराम समुद्र तट पर पहुंचकर ज्योतिर्लिंग की स्थापना करते हैं और समुद्र से मार्ग प्रदान करने की प्रार्थना करते हैं। युद्ध में रावण का पुत्र मेघनाद मायावी शक्तियों का प्रयोग कर लक्ष्मण पर शक्ति बाण छोड़ता है। लक्ष्मण के मूर्छित होने पर रामदल में शोक की लहर दौड़ जाती है। तत्पश्चात सुषेण वैद्य प्राण बचाने के लिए संजीवनी बूटी लाने की सलाह देते हैं।