तहसील क्षेत्र के सया गांव में वायरल फीवर से मासूम बच्चों व महिलाओं समेत कुल तीस लोग पीड़ित हो गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर उनका उपचार किया और रक्त का नमूना भी एकत्र किया। स्वास्थ्य विभाग ने ग्राम स्तरीय कर्मचारियों को लगातार स्थिति पर नजर रखने को कहा है। इस बीच एक साथ इतनी बड़ी तादाद में ग्रामीणों के बीमार पड़ जाने से गांव में हड़कंप की स्थिति है।
कुछ दिनों से मौसम में हो रहे परिवर्तन के चलते संक्रामक रोगों ने पांव पसारना प्रारंभ कर दिया है। तहसील क्षेत्र की सया निषाद बस्ती में बीते दिन तेज बुखार से कई ग्रामीण पीड़ित हो गए। स्वास्थ्य टीम ने गांव जाकर उन्हें दवाएं दी।
इस बीच बुधवार को सीएचसी प्रभारी डॉ. हनुमान प्रसाद के नेतृत्व में डॉ. आशुतोष व डॉ. संजय श्रीवास्तव के साथ कई अन्य कर्मचारी गांव पहुंचे और मानवी ढाई वर्ष, किशन (7), प्रमिता (15), सुशीला (65), अंबेश (7), शिवानी (12), प्रगति सिंह (16), श्यामा (24), लक्ष्मी (12), गौरी ढाई वर्ष, अरुण (14), शिवकुमारी (18), रेेशमा (35), रामलली (37), शालू डेढ़ वर्ष, अमन (4), कशिश (6), सोनू (6), मोनी (9), अनीता (30), रानी (26), रामअकबाल (40), सीमा (36), विशाल (8) समेत कुल तीस लोगों के रक्त का नमूना लिया। ग्रामीणों को बताया गया कि उनके खून की जांच कराई जाएगी और यह इसके बावजूद ग्रामीणों में बेचैनी का माहौल दिखाई पड़ा।
एक साथ ज्यादा तादाद में बुखार हो जाने के चलते ग्रामीण किसी अनहोनी की आशंका से ग्रसित हैं। चिकित्सकों ने उन्हें भरोसा दिलाते हुए कहा कि यदि उन्हें और बेहतर उपचार की जरूरत पड़ी तो पहले सीएचसी फिर जिला अस्पताल भेजा जाएगा।
सीएचसी प्रभारी डॉ. हनुमान प्रसाद ने बताया कि लगभग तीस ग्रामीणों को वायरल फीवर है। कोई विशेष दिक्कत नहीं है। दवाएं दी गई हैं। उन्हें एक-दो दिन में आराम मिल जाएगा। पीड़ित लोगों से एहतियात बरतने को कहा गया है।