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समय से नहीं पहुंच रही एंबुलेंस

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अंबेडकरनगर में इन घायलों को अस्पताल पहुंचने के लिए करना पड़ा 40 मिनट एंबुलेंस का इंतजार। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की अहम कड़ी यानी 108 एंबुलेंस सेवा डगमगाने लगी हैं। कई बार ऐसा होता है कि आकस्मिक जरूरत पर जब एंबुलेंस को पहुंचना होता है तब उपलब्ध नहीं हो पाती। ऐसे में मरीजों को दर्द से कराहते हुए एंबुलेंस का इंतजार करने को विवश होना पड़ता है। कई बार तो इस इंतजार में मरीजों की जान तक चली जाती है। शुरुआती दौर में इस एंबुलेंस सेवा ने क्रांति सी ला दी थी, लेकिन समय बीतने के साथ ही सेवा ने हिचकोले खाना शुरू कर दिया। हालांकि, अब भी तमाम ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के लिए यह सेवा वरदान बन रही हैं, लेकिन यह भी बड़ा सच है कि निर्धारित समय पर एंबुलेंस का पहुंच पाना कठिन होता जा रहा है। लखनऊ में पीटीआई के एक प्रतिनिधि की समय से एंबुलेंस सेवा न मिलने पाने के चलते हुई मौत ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमर उजाला टीम ने इसी सिलसिले में गुरुवार को एंबुलेंस सेवा की हकीकत जानने की कोशिश की तो जो हकीकत सामने आई वह शुभ संकेत नहीं है।
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अलीगंज थाना क्षेत्र के चकसोपुर निवासी गुड्डू व राकेश के अनुसार 31 अगस्त की सुबह भूमि विवाद में हुई मारपीट में उनकी मां कांति देवी को गंभीर चोटें आईं। इलाज के लिए परिवारीजनों ने सुबह 10 बजे 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। इसके बाद वे भी एंबुलेंस का इंतजार करते रहे। लगभग साढ़े 11 बजे एंबुलेंस आ सकी। इसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस अंतराल में वह दर्द से तड़पती रही। पति झिन्नू ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि 20 मिनट में एंबुलेंस पहुंचने का निर्देश है, लेकिन घटनास्थल पर पहुंचने में कई बार दो से तीन गुना अधिक समय लग जाता है। इस पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है।
सममनपुर थाना क्षेत्र के कजरी गांव में 2 सितंबर की सुबह मामूली विवाद में रामधीरज पुत्र रामसिंगार व उसकी पत्नी सरोजा देवी की कुछ लोगों ने लाठी डंडों से पिटाई कर दी। मारपीट की घटना सुबह साढ़े नौ बजे हुई। घायलों को जिला अस्पताल ले जाने के लिए परिवारीजनों ने एंबुलेंस को सूचना दी। रामधीरज के अनुसार सूचना के लगभग 40 मिनट बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंच सकी।
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बेवाना थाना क्षेत्र के रामपुर सकरवारी में मंगलवार देर शाम बच्चों के विवाद में लाठी डंडों व धारदार हथियार से गांव निवासी जेहरुलनिशा, उसकी पुत्री खुशबू व सकीना की जमकर पिटाई कर दी गई। देर शाम करीब साढ़े सात बजे हुई मारपीट में जेहरुलनिशा को गंभीर चोटें आईं। उनके हाथ व पैर में फ्रैक्चर हो गया। परिवारीजनों ने एंबुलेंस को सूचना दी। आरोप है कि सूचना के लगभग एक घंटे बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची। इसके बाद घायलों को जिला अस्पताल ले जाया सका। इस दौरान गंभीर रूप से घायल जेहरुलनिशा दर्द से तड़पने को मजबूर रही।
कभी-कभी ग्रामीण क्षेत्र की एंबुलेंस अन्य मरीज को ले जाने में व्यस्त रहती हैं तो ऐसे में यदि संबंधित क्षेत्र से कोई कॉल आती है तो वहां जिला मुख्यालय से एंबुलेंस भेजनी पड़ती है। इसके चलते कुछ विलंब हो जाता है। ज्यादातर मामलों में समय से ही एंबुलेंस निर्धारित स्थान पर पहुंचती हैं। मामला गंभीर होता है तो विशेष व्यवस्था की जाती है।
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विनोद कुमार, जिला प्रभारी, एंबुलेंस सेवा
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