अंबेडकरनगर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान पद के लिए निर्धारित आरक्षण के विरोध में डल्लानिजामपुर, अमेदा व राजेपुर धर्मापट्टी के ग्रामीणों ने एडीएम से मुलाकात की। साथ ही आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि जो आरक्षण निर्धारित किया गया है, वह नियमानुसार नहीं है। ऐसे में इसे बदला जाए। कहा कि ग्राम पंचायतों में आरक्षण में मनमानी की गई है। चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ, तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
20 मार्च को पंचायत चुनाव में विभिन्न पदों के लिए आरक्षण की अनंतिम सूची जारी हुई थी। इसके बाद 20 से 23 मार्च तक आपत्तियां व दावे दर्ज कराए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई। पहले दिन सबसे अधिक ग्राम प्रधान पद के लिए आपत्तियां दर्ज कराई गईं। सोमवार को भी आपत्तियां दर्ज कराने का कार्य चला। डल्लानिजामपुर के राधेश्याम वर्मा, लालजी विश्वकर्मा, रामदीन गुप्ता, देवीप्रसाद ने कहा कि पिछले 50 वर्ष से यहां की सीट ग्राम प्रधान पद के लिए पिछड़ा वर्ग की नहीं हो सकी है। गत दिनों जो सूची जारी हुई है, उसकेे अनुसार प्रधान पद की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। यह कतई उचित नहीं है। ऐसे में इसमें बदलाव करते हुए पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया जाए।
अमेदा के छोटेलाल, महेंद्र कुमार, विक्रमाजीत, अमरजीत, दीपक ने कहा कि बीते 50 वर्ष से अब तक यह सीट ग्राम प्रधान पद के लिए अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित नहीं हुई है। इस बार जो सूची जारी हुई है, उसके अनुसार पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित है। जनभावनाओं को देखते हुए इसे अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया जाए। राजेपुर धर्मापट्टी के इमरान ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि लंबे समय से यह सीट ग्राम प्रधान पद के लिए पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित नहीं हुई है। ऐसे में नियमानुसार इस बार अनुसूचित जाति महिला को बदलकर पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया जाए।