अंबेडकरनगर। जिले के लगभग सवा 2 लाख गेहूं किसानों के लिए खुशखबरी है। गेहूं खरीद के लिए इस बार कोई लक्ष्य निर्धारित न होने का लाभ इन किसानों को मिलेगा। आगामी 1 अप्रैल से शुरु होने वाली गेहूं खरीद 15 जून तक चलेगी। इसमें जितनी भी उपज लेकर किसान क्रय केन्द्रों तक पहुंचेंगे, उसकी खरीद होगी। जिले में इसकी तैयारियां तेजी से की जा रही हैं। जिले में लगभग सवा दो लाख किसानों ने 1 लाख 19 हजार 784 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की खेती कर रखी है। गेहूं खरीद का निर्धारित समय समाप्त होने व लक्ष्य की पूर्ति होने के बाद उपज की बिक्री से वंचित रह जाने की बुनियादी दिक्कत का सामना इस बार किसानों को नही करना पड़ेगा।
अब उन्हें उपज बिक्री करने के लिए इधर-उधर भागदौड़ व केंद्रों पर लगने वाली भीड़ से राहत मिलेगी। कारण यह कि गेहूं की नई क्रय नीति के अनुसार इस बार गेहूं के खरीद के लक्ष्य का निर्धारण नहीं होगा। खाद्य एवं विपणन विभाग के अनुसार किसानों की उपज की खरीद अनवरत जारी रहेगी। तब तक खरीद का कार्य जारी रहेगा, जब तक सभी किसानों की उपज की खरीदी न हो जाए। पूर्व की व्यवस्था में खरीद के लक्ष्य का निर्धारण रहता था। लक्ष्य की पूर्ति के बाद किसानों की उपज की खरीद या तो बंद कर दी जाती थी या फिर कम कर दी जाती थी। अब ऐसा नहीं होगा। जब तक किसान केंद्रों पर पहुंचते रहेंगे, तब तक उनकी उपज की खरीद की जाती रहेगी। समय का निर्धारण जरूर रहेगा।
इस बीच आगामी एक अप्रैल से जिले में शुरू हो रही गेहूं की खरीद को लेकर खाद्य एवं विपणन विभाग ने जरूरी तैयारियां तेज कर दी हैं। खाद्य एवं विपणन विभाग के अनुसार किसानों को गेहूं की उपज बिक्री के लिए किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 3 एजेंसी के 38 केंद्र पर गेहूं की खरीद की जाएगी। इसमें पीसीएफ के 27, मार्केटिंग के 10 व मंडी का एक केंद्र शामिल हैं। विभाग के अनुसार आगामी दिनों में केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
निर्धारित केंद्र पर ही होगी बिक्री
आगामी एक अप्रैल से प्रारंभ हो रही गेहूं खरीद में इस बार किसान निर्धारित केंद्र पर ही उपज की बिक्री कर सकेंगे। 15 जून तक गेहूं की खरीद होगी। पूर्व में किसान उपज की बिक्री किसी भी केंद्र पर पहुंचकर कर सकता था। नई क्रय नीति के अनुसार अब गावों को जिस केंद्र से संबद्ध किया जाएगा, उसी केंद्र पर ही संबंधित गांव के किसान पहुंचकर उपज की बिक्री कर सकेंगे। उन्हें दूसरे केंद्र पर उपज की बिक्री करने की अनुमति नहीं होगी।
वृद्ध व महिला किसानों को छूट
नई क्रय नीति के अनुसार अब वृद्ध व महिला किसानों को गेहूं की उपज की बिक्री करने के लिए संबंधित क्रय केंद्र पर जाने से छूट रहेगी। उनके स्थान पर उनके पुत्र व सहयोगी क्रय केंद्र पर उपज ले जाकर बिक्री कर सकेंगे। इसके लिए वृद्ध व महिला किसान को संबंधित व्यक्ति का आधार कार्ड फीड कराना होगा। ऐसा होने से बिचौलियों का दखल रुकेगा।
समर्थन मूल्य में 50 रुपये की हुई वृद्धि
आगामी एक अप्रैल से जिले में 3 एजेंसियों के 38 केंद्र पर गेहूं खरीद का कार्य होगा। इस बार गेहूं के समर्थन मूल्य में 50 रुपये की वृद्धि हुई है। बीते वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 1925 रुपये प्रति कुंतल, जबकि इस बार यह बढ़कर 1975 रुपये प्रति कुंतल हो गया है।
- राकेश कुमार, खाद्य एवं विपणन अधिकारी