बसखारी के मखदूमनगर निवासी गोमती पुत्र बसंती को क्षेत्रीय लेखपाल जगदेव पांडेय ने मृत दिखाते हुए उसकी वरासत दर्ज कराने की रिपोर्ट नायब तहसीलदार को सौंपी थी।
इसके आधार पर नायब तहसीलदार ने जीवित गोमती को मृत दिखाते हुए उसकी वरासत, उसकी एकमात्र उत्तराधिकारी बैजनाथ के नाम पर कर दी। गोमती को मृत दिखाकर बैजनाथ के पक्ष में वरासत दर्ज होने की जानकारी जब गोमती व बैजनाथ को हुई तो वे सन्न रह गए।
इस पर तहसील पहुंचकर दोनों ने राजस्व विभाग के उच्चाधिकारियों से मिलकर इस फर्जीवाड़े की जानकारी दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार ने क्षेत्रीय लेखपाल को तलब कर फटकार लगाई और तत्काल वरासत को स्थगित करते हुए उसका अंकन खतौनी पर भी कराने का आदेश पारित किया।