अंबेडकरनगर। जलालपुर क्षेत्र में वर्ष 2018 में हुए जानलेवा हमले और एससी-एसटी एक्ट के एक मामले में विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी कोर्ट) ने आरोपी सद्गुरु लाल यादव को बरी कर दिया है। न्यायालय ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपी के विरुद्ध दोष सिद्ध करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत करने में विफल रहा।
जलालपुर क्षेत्र के अरई चुरैला निवासी राजमन ने 28 दिसंबर 2018 को पुलिस को तहरीर दी थी। आरोप था कि शाम करीब सात बजे जब वह घर लौट रहे थे, तब गांव के ही सद्गुरु लाल यादव ने अपने दो साथियों के साथ उन पर हमला कर दिया। विरोध करने पर सद्गुरु ने चाकू से उनके सिर पर प्रहार कर घायल कर दिया था।
पुलिस ने जानलेवा हमला और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच पूरी होने के बाद सद्गुरु के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी रामविलास सिंह की अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों के साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण किया। कोर्ट ने निष्कर्ष निकाला कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। इसके आधार पर कोर्ट ने सद्गुरु लाल यादव को आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।