अंबेडकरनगर। जिले की 75 कोटे की दुकानों को अन्नपूर्णा भवन के रूप में विकसित करने की योजना जिले में धराशायी हो गई है। एक वर्ष बाद भी मात्र 14 अन्नपूर्णा भवन का निर्माण पूरा हो सका है। धनाभाव के चलते 11 अन्नपूर्णा भवन का निर्माण ही नहीं शुरू हुआ जबकि 50 अन्य पर निर्माण कार्य की गति अत्यंत धीमी है।
आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर कोटे की दुकानों को आधुनिक बनाने के लिए उन्हें अन्नपूर्णा भवन के रूप में विकसित किए जाने का निर्णय लिया गया । इसके तहत जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित 75 कोटे की दुकानों को अन्नपूर्णा भवन के रूप में विकसित किए जाने के लिए चिह्नित किया गया।
अन्नपूर्णा भवन का निर्माण मनरेगा योजना के तहत किया जाना है। मालूम हो कि जिले में कुल 1126 कोटे की दुकानें संचालित हैं। वैसे तो सामान्य कोटे की दुकानों से खाद्यान्न ही उपलब्ध होता है लेकिन अन्नपूर्णा भवन में न सिर्फ खाद्यान्न बल्कि 40 से अधिक जीवनोपयोगी सामग्री भी मिलनी है।
मार्च 2024 में सभी अन्नपूर्णा भवन बनकर तैयार होने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब तक मात्र 14 अन्नपूर्णा भवन ही तैयार हो सके हैं। इनका संचालन भी शुरू हो गया है। मनरेगा योजना के तहत पक्के कार्य के लिए धन की उपलब्धता न होने समेत कई अन्य कारणों से 11 भवन का निर्माण प्रारंभ ही नहीं हो सका जबकि 50 पर निर्माण कार्य अत्यंत धीमी गति से चल रहा है। जिलापूर्ति अधिकारी कार्यालय के अनुसार बीबीपुर सिकंदरपुर, रामपुर गिरंट, इस्माइलपुर बेलदहा, अजमलपुर, कादीपुर फरीदपुर, जैनुद्दीनपुर, ओझीपुर, बड़ेपुर, जमौली समेत 11 अन्नपूर्णा भवन का निर्माण धनाभाव के चलते प्रारंभ ही नहीं हो सका है।
जल्द पूरा करने के निर्देश
14 अन्नपूर्णा भवन का निर्माण पूर्ण हो चुका है। शेष को जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश ग्राम प्रधानों को दिए गए हैं। - सुरेश सिंह, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी