अंबेडकरनगर। माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में अब विद्यार्थी संसद की कार्यवाही को करीब से समझ सकेंगे। इसके लिए जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों में युवा संसद प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता में विद्यार्थी सांसद, मंत्री, विपक्ष और अध्यक्ष की भूमिका निभाते हुए संसदीय कार्यवाही का अभ्यास करेंगे।
जिले में 32 राजकीय, 60 अशासकीय सहायता प्राप्त और 277 वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इन सभी विद्यालयों में युवा संसद का आयोजन कराया जाना है। संसदीय कार्य मंत्रालय के निर्देश पर इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। जिला स्तर पर जिला विद्यालय निरीक्षक को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। वह विद्यालयों में प्रतियोगिता के आयोजन की कार्ययोजना तैयार करेंगे।
राष्ट्रीय युवा संसद योजना के निर्धारित पोर्टल पर किशोर सभा के अंतर्गत विद्यालयों को पंजीकरण कराना होगा। प्रधानाचार्य की स्वीकृति के बाद कक्षा छह से 12वीं तक के विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। युवा संसद में करीब 50 से 55 विद्यार्थी हिस्सा लेंगे। चयनित विद्यार्थियों को उनकी भूमिका के अनुसार प्रश्न पूछने, जवाब देने, चर्चा करने, प्रस्ताव रखने और सदन की कार्यवाही संचालित करने का अभ्यास कराया जाएगा।
युवा संसद में पूरा मंत्री परिषद गठित किया जाएगा। साथ ही सदन के अध्यक्ष का चुनाव भी होगा। सत्ता पक्ष विपक्ष के सवालों का जवाब देगा और विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी। विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन और लोकतांत्रिक समझ को बढ़ाने वाले विषयों को इसमें शामिल किया जाएगा।
इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को संसद की कार्यप्रणाली, लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था और संसदीय प्रक्रियाओं से परिचित कराना है। इससे विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, तर्क-वितर्क और अभिव्यक्ति कौशल भी विकसित होगा।
प्रधानाचार्यों को दिए जाएंगे निर्देश
जिला विद्यालय निरीक्षक कौस्तुभ सिंह ने बताया कि सभी राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त और वित्तविहीन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को युवा संसद प्रतियोगिता आयोजित कराने के निर्देश दिए जाएंगे। शासनादेश के अनुसार प्रतियोगिता कराई जाएगी। विद्यालय स्तर पर प्रधानाचार्य को नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा।