महरुआ के कसड़ा गांव में रविवार को अपने नातियों को अंतिम विदाई देने लाठियों के सहारे जाते नाना फ
भीटी के सम्मनपुर छितैनिया निवासी चारों मृतक बच्चों के नाना और हत्यारोपी गासिया खातून के बुजुर्ग फैजुल्ला (80) लाठी के सहारे महरुआ के कसड़ा गांव में नाती-नातिन को विदाई देने उनके घर पहुंचे। संवाद न्यूज एजेंसी से बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी बेटी पर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया।
उनका कहना था कि बेटी और उसके परिवार में सबकुछ ठीक-ठाक था। दामाद नियाज ने पाकिस्तानी महिला से निकाह जरूर कर लिया था, लेकिन वह गासिया और बच्चों की देखभाल में कोई कमी नहीं रखता था। करीब एक सप्ताह पहले गासिया ने फोन पर उनसे बात कर हाल-चाल भी पूछा था लेकिन कोई मनमुटाव की बात नहीं की थी। उन्होंने कहा कि यह दुश्मनों का काम है। मेरी बेटी जिंदा है या नहीं, यह भी पता नहीं चल रहा है। वह अपने बच्चों से बहुत प्यार करती थी, वह ऐसा नहीं कर सकती।
अकेले गासिया नहीं कर सकती वारदात : सलीम
मृत बच्चों के बड़े ताऊ व परिवार के अगुवाकार सलीम और मुबारक ने कहा कि गासिया खातून अकेले इस घटना को अंजाम नहीं दे सकती। उन्होंने आशंका जताई कि इस पूरे घटनाक्रम में अन्य लोग भी शामिल हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। शुक्रवार को नियाज की पत्नी और बच्चों से फोन पर बातचीत भी हुई थी, जिसमें किसी तरह की अनहोनी के संकेत नहीं थे।