अंबेडकरनगर। बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारण के बाद अब तक 135 आपत्तियां आई हैं। इसमें स्कूल की अधिक दूरी से जुड़ी, क्षमता से अधिक छात्रों के आवंटन की और नए केंद्र बनाने की है।
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू हो रही हैं। इसके लिए शहर में केंद्र बनाए गए हैं। नियमानुसार अब बोर्ड जियो टैगिंग से ही दूरी तय करके सेंटर बनाता है। इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में 71,998 परीक्षार्थी भाग लेंगे। इस बार परीक्षा केंद्रों से ज्यादा आपत्तियां दर्ज की जा चुकी हैं। वहीं विभाग को इनका निस्तारण करने की चुनौती भी है।
राजकीय हाईस्कूल चंदनपुर केंद्र बना है। प्रधानाचार्य ने बताया कि कच्चा रास्ता होने के साथ संसाधन का अभाव है। उन्होंने केंद्र न बनाए जाने की आपत्ति दर्ज की है। इसके अलावा राजकीय हाईस्कूल अशरफपुर बरवां मानक पर खरा न उतरने पर केंद्र न बनाए जाने की मांग की है।
पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय माडल इंटर कॉलेज जाफरगंज व पहितीपुर खजूरडीह ने केंद्र बनाए जाने की आपत्ति दर्ज कराई है। प्रधानाचार्य का कहना है कि सीसीटीवी कैमरों युक्त सुरक्षित स्ट्रांग रूम, विद्यार्थियों की संख्या व सभी मानक पूरे होने के बावजूद नहीं बनाया गया।
135 आपत्तियां आई हैं। विभाग के अधिकारी अब इन शिकायतों के निस्तारण के लिए डीएम के साथ बैठक करेंगे जिसके बाद अंतिम निर्णय 11 दिसंबर को लिया जाएगा।
- प्रवीण कुमार तिवारी, डीआईओएस