अंबेडकरनगर। एड्स (एचआईवी) से बचाव के लिए विश्व एड्स दिवस के अलावा सामान्य तौर पर कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, इन कार्यक्रमों की वजह से एचआईवी संक्रमितों की संख्या में कमी तो आई है, लेकिन इस पर पूरी तरह से रोक नहीं लग पाई है। इसके पीछे जागरूकता की कमी को ही मुख्य वजह माना जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के रिकाॅर्ड के अनुसार जिले में इस साल अब तक करीब 80 मरीज मिल चुके हैं, जिनके साथ एक्टिव मरीजों की संख्या 1900 के पार हो चुकी है। पिछले वर्ष इन रोगियों की संख्या 100 के पार थी। बात अगर मौतों की करें तो चार लोग इस साल अपनी जान गवां चुके हैं। एड्स का प्रसार रोकने के लिए विभाग की ओर से सर्वाधिक संक्रमण वाले इलाकों ग्रामीणों की समय-समय जांच कराई जाती है।
पॉजीटिव पाए जाने वाले लोगों में ज्यादातर प्रवासी मजदूर शामिल रहते हैं और उनके संपर्क में आने से महिलाएं भी संक्रमण का शिकार हो रही हैं। अभी जिले में छह ऐसी महिलाएं हैं जो गर्भवती हैं।
सक्रिय मरीजों में 1700 मरीज जिला अस्पताल के संपूर्ण सुरक्षा केंद्र से दवाएं ले रहे हैं, जबकि अन्य मरीज लखनऊ या आसपास के अन्य जिलों में इलाज करवा रहे हैं। इनकी लगातार निगरानी भी स्वास्थ्य महकमे की ओर से की जा रही है।
आज होंगे जागरूकता कार्यक्रम
विश्व एड्स दिवस के अवसर पर सोमवार को मुख्य सतर्कता एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में किया जाएगा, जहां इसकी शुरुआत डीएम अनुपम शुक्ला की ओर से किया जाएगा। जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी पर भी जागरूकता कार्यक्रम होंगे।
विभाग की ओर से टीम लगातार ऐसे रोगियों की पड़ताल जांच करती है। संक्रमित मिलने पर इनका संपूर्ण उपचार कराया जाता है। जागरूकता के लिए समय-समय पर विभिन्न आयोजन किया जाता रहा है। इसी का नतीजा है कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार रोगियों की संख्या में कमी आई है।
डॉ. गौतम मिश्रा, नोडल अधिकारी