अंबेडकरनगर। जिले के दो हजार 49 विद्यालयों में कार्य कर रहे 4902 रसोइया मजदूरों को बड़ी राहत मिली है। दो माह का बकाया मानदेय उनके खाते में भेज दिया गया है। 1500 रुपये प्रति माह मानदेय की दर से सितंबर व अक्तूबर के एक करोड़ 47 लाख 6 हजार रुपये भेज दिए गए हैं। लंबे समय बाद बकाया मानदेय मिलने से रसोइया मजदूरों के चेहरे खिल उठे। उनका कहना है कि दो माह का बकाया मानदेय मिलने से राहत तो मिली है, लेकिन रसोइया मजदूरों के हित को देखते हुए शेष बकाया मानदेय का भी शीघ्र भुगतान कर दिया जाए।
बकाया मानदेय का भुगतान न होने से आर्थिक मुश्किलों से जूझ रहे रसोइया मजदूरों को शासन ने बड़ी राहत दी है। दो माह के बकाया मानदेय की राशि उनके खाते में भेज दी गई। मौजूदा समय में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में दो हजार 49 विद्यालयों में एमडीएम योजना का संचालन हो सके और इन विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को समुचित ढंग से योजना के तहत भोजन मिल सके, इसके लिए कुल चार हजार 902 रसोइया मजदूरों की तैनाती की गई है। मानदेय के रूप में प्रत्येक रसोइया मजदूर को प्रति माह 1500 रुपये की राशि उनके खाते में भेजी जाती है। यह अलग बात है कि समय पर कभी भी रसोइया मजदूरों को मानदेय नहीं मिल सका है।
गत सितंबर से रसोइया मजदूरों को मानदेय नहीं मिल सका था, जिससे उन्हें दिक्कतें हो रही थीं। रसोइया मजदूरों के हित को देखते हुए बीते दिन शासन ने दो माह के बकाया मानदेय का भुगतान कर दिया। एमडीएम प्रभारी सत्यप्रकाश मौर्य ने बताया कि 4902 रसोइया मजदूरों के खाते में 1500 रुपये प्रति माह की दर से सितंबर व अक्तूबर का बकाया मानदेय एक करोड़ 47 लाख 6 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया। शीघ्र ही शेष माह का भी बकाया भुगतान कर दिया जाएगा। उधर, रसोइया मजदूरों का कहना है कि दो माह का मानदेय मिलना से राहत मिली है, लेकिन शेष माह का भी बकाया भुगतान कर दिया जाना चाहिए।