अंबेडकरनगर। जिले के 49 केंद्रों पर टीईटी शुरू होने के साथ ही निरस्त होने से 45 हजार 246 परीक्षार्थियों को रविवार को तगड़ा झटका लगा। इसमें सबसे ज्यादा असहज स्थिति प्रथम पाली में परीक्षा देने पहुंचे लगभग 26 हजार परीक्षार्थियों की हुई। वे अलग-अलग केंद्रों पर जांच आदि प्रक्रिया पूरी कर निर्धारित कक्षों में पहुंचे। उन्होंने प्रश्नपत्र को हल करना शुरू ही किया था कि इसी बीच विभिन्न जनपदों में पेपर लीक होने की खबर के चलते परीक्षा निरस्त होने का निर्णय आ गया। इससे सभी 49 केंद्रों पर परीक्षा को निरस्त कर सभी परीक्षार्थियों को समय से काफी पहले ही वापस भेज दिया गया। इससे परीक्षार्थियों में आक्रोश देखने को मिला। कई परीक्षार्थियों का कहना था कि बीती परीक्षाओं में भी पेपर लीक होने की खबर सामने आई थी। सॉल्वर गैंग के कई लोग पकड़े भी गए थे। इसे देखते हुए इस बार की परीक्षा को फुल प्रूफ बनाया जाना था, लेकिन ऐसा न हो पाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
बीते दिनों हुई टीजीटी व पीजीटी में गड़बड़ी की तमाम खबरों के बीच रविवार को आयोजित यूपी टीईटी और ज्यादा गड़बड़ी की शिकार हो गई। जिले के 49 केंद्रों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने कई दिनों से व्यापक इंतजाम कर रखे थे। केंद्र व्यवस्थापकों के साथ बैठक करने के अलावा मजिस्ट्रेटों को भी जरूरी दिशा निर्देश दिए गए थे। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए हर केंद्र पर पर्यवेक्षक व स्टैटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती भी जिला प्रशासन ने की थी।
इन तैयारियों के बीच रविवार को सुबह 9 बजे से पहले ही केंद्रों पर परीक्षार्थी पहुंचने लगे। प्रथम पाली में कुल 26 हजार 125 परीक्षार्थियों के पहुंचने का क्रम साढ़े 9 बजे तक चलता रहा। इसके बाद उन्हें समुचित जांच कर केंद्रों में प्रवेश दिया गया। ठीक 10 बजते ही सभी केंद्रों पर टीईटी अत्यंत कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच शुरू हो गई। डीएम सैमुअल पॉल एन व एसपी आलोक प्रियदर्शी समेत अन्य अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों का जायजा भी लेना शुरू कर दिया।
परीक्षा शुरू हुए करीब 15 मिनट ही बीते थे कि इसी बीच प्रदेश के विभिन्न जनपदों में प्रश्नपत्र लीक होने की खबर आ गई। इससे केंद्रों के भीतर मौजूद परीक्षार्थी तो इससे बेखबर थे, लेकिन जंगल में आग की तरह फैली इस खबर ने पहली पॉली की परीक्षा से जुड़े अभिभावकों व उनके परिजनों समेत द्वितीय पाली के परीक्षार्थियों में हड़कंप मचा दिया। तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। थोड़ी ही देर में राज्य सरकार का निर्णय आ गया कि टीईटी परीक्षा तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई है। शासन का यह निर्णय तत्काल प्रभाव से अंबेडकरनगर डीएम समेत डीआईओएस तक पहुंचाया गया।
इसके बाद जिले में प्रशासन राज्य सरकार के निर्णय का पालन कराने के लिए नए सिरे से हरकत में आ गया। डीएम ने जिला विद्यालय निरीक्षक व सभी एसडीएम को निर्देशित किया अविलंब सभी केंद्र व्यवस्थापकों से कहा जाए कि परीक्षा तत्काल रोक दी जाए। परीक्षार्थियों को बताया जाए कि एक माह में उनकी परीक्षा दोबारा कराई जाएगी। इस बीच जिला प्रशासन के निर्देश के अनुरूप सभी 49 परीक्षा केंद्रों पर केंद्र व्यवस्थापकों ने कक्ष निरीक्षकों के माध्यम से परीक्षार्थियों को बताया कि यह परीक्षा निरस्त कर दी गई है। यह सुनते ही सभी परीक्षार्थी सन्न रह गए। इसके बाद परीक्षार्थियों को कड़ी सुरक्षा के बीच एक-एक कर सभी केंद्रों से बाहर किया गया।
परीक्षा निरस्त होने के बाद केंद्रों पर बढ़ाई गई चौकसी
परीक्षा शुरू होने के बाद उसे निरस्त किए जाने की खबर मिलते ही जिले में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर फोकस किया। डीएम व एसपी ने परीक्षा निरस्त होने के बाद तमाम केंद्रों का दौरा किया और अपनी मौजूदगी में परीक्षार्थियों को केंद्रों से कुशलतापूर्वक बाहर निकलवाया। उन्हें समझाया गया कि यह निर्णय उनके भले के लिए ही है। अगली परीक्षा देने के लिए उन्हें किसी प्रकार का शुल्क या मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ेगा। डीएम व एसपी ने इसके साथ ही सभी एसडीएम, सीओ व थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों पर अपनी उपस्थिति में परीक्षार्थियों को वापस भेजने की प्रक्रिया सुनिश्चित कराएं। कई बड़े परीक्षा केंद्रों पर इसके बाद अतिरिक्त फोर्स भी भेजी गई। परीक्षार्थियों के सकुशल लौट जाने के बाद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
परीक्षा केंद्र में प्रवेश को लेकर एसडीएम को घेरा
प्रथम पाली की परीक्षा शुरू होने पर सेंट पीटर्स विद्यालय में बने परीक्षा केंद्र पर कुछ परीक्षार्थियों ने हंगामा कर दिया। उनका कहना था कि इस परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों से प्रवेश के लिए मूल प्रमाणपत्र मांगे जा रहे हैं, जबकि बगल के बीएन इंटर कॉलेज में बने केंद्र पर प्रमाणपत्रों की छाया प्रति के आधार पर ही प्रवेश दिया गया है। इसी बात को लेकर परीक्षार्थियों व उनके परिवारीजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। जानकारी मिलते ही एसडीएम सदर पंकज जायसवाल मौके पर पहुंचे। वहां परीक्षार्थियों ने उनका घेराव करते हुए मनमानी को दूर कराने तथा परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिलाने की मांग शुरू कर दी। एसडीएम ने परीक्षार्थियों को समझाया कि प्रश्नपत्र लीक होने की खबर सामने आ रही है। शासन स्तर से परीक्षा निरस्त किए जाने का निर्णय होने जा रहा है। अंदर बैठे परीक्षार्थी भी थोड़ी देर में बाहर आ जाएंगे। एसडीएम के समझाने बुझाने पर परीक्षार्थी शांत हो हुए।
परीक्षार्थियों ने जताई नाराजगी
ीईटी परीक्षा ऐन मौके पर निरस्त हो जाने के चलते तमाम परीक्षार्थियों में निराशा व आक्रोश का माहौल देखने को मिला। परीक्षार्थी अनुराधा सिंह ने परीक्षा निरस्त होने पर नाराजगी जतायी। कहा कि वे मूल रूप से जलालपुर की निवासी हैं, लेकिन इन दिनों दिल्ली में रहती हैं। परीक्षा देने के लिए दिल्ली से वे आई थीं। परंतु परीक्षा निरस्त होने से अब उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अब परीक्षा कब होगी यह भी तय नहीं। ऐसे में उन्हें दोबारा परीक्षा के लिए दिल्ली से आना पड़ेगा। नेवादा निवासी परीक्षार्थी दीपशिखा भी परीक्षा निरस्त होने से मायूस दिखीं। कहा कि प्रश्नपत्र अच्छा था। पूरी उम्मीद थी कि वह परीक्षा उत्तीर्ण कर जातीं, लेकिन निरस्त होने से उन्हें झटका लगा है। शासन-प्रशासन को यह प्रबंध करना चाहिए था कि लाखों परीक्षार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ न होने पाए। टांडा से आए परीक्षार्थी मोहम्मद तारिक ने कहा कि यह शासन-प्रशासन की लापरवाही है। इसके चलते ही अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो जाते हैं। सरकार को इसे लेकर कड़े कानून बनाने व उसे लागू कराने की जरूरत है। बसखारी के परीक्षार्थी संदीप कुमार ने भी परीक्षा निरस्त होने पर नाराजगी जतायी और सरकार से ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की। परीक्षार्थी दीपमाला व रश्मि सिंह ने भी परीक्षा निरस्त होने पर कड़ी नाराजगी जताई। कहा कि प्रश्नपत्र ज्यादा कठिन नहीं आया था। उम्मीद थी कि वह परीक्षा पास कर लेंगी। परंतु परीक्षा निरस्त होने से हम सबकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है।