अंबेडकरनगर। जिले के पिछड़े वर्ग के 42 हजार 589 छात्र-छात्राओं को अभी भी छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति का इंतजार है। बजट के अभाव में संबंधित छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति न मिलने से उनके समक्ष विभिन्न प्रकार की मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। छात्र-छात्राओं का कहना है कि यदि उन्हें शुल्क प्रतिपूर्ति नहीं मिली, तो आगे की पढ़ाई जारी रखने में आर्थिक समस्या हो सकती है। उधर छात्रवृत्ति से वंचित छात्र-छात्राओं ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उनके भविष्य को देखते हुए अविलंब योजना का लाभ दिलाया जाए।
छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा हासिल करने में किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए उन्हें छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति दी जाती है। यह राशि सीधे छात्र-छात्राओं के खाते में जाती है। इसका लाभ भी छात्र-छात्राओं को मिल रहा है। हालांकि मौजूदा समय में पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं को योजना का समुचित लाभ नहीं मिल रहा है।
पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कार्यालय के अनुसार छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए पिछड़े वर्ग के एक लाख 12 हजार 253 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया था। सत्यापन के दौरान सात हजार 177 आवेदनोें को निरस्त कर दिया गया। ऐसे में एक लाख पांच हजार 76 आवेदक पात्र मिले। यह आवेदन शिक्षा सत्र वर्ष 2021-22 में किए गए थे।
कार्यालय के अनुसार अब तक 62 हजार 487 छात्र-छात्राओं के खाते में छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में तीन अरब 64 करोड़ दो लाख 50 हजार रुपये भेजे जा चुके हैं। 42 हजार 589 छात्र-छात्राओं के खाते में अब तक छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि नहीं भेजी जा सकी है। कार्यालय के अनुसार कक्षा नौ व 10 के 146, 11 व 12 के 1836, दशमोत्तर कक्षा के 40 हजार 607 छात्र-छात्राओं के खाते में राशि नहीं भेजी जा सकी है। बताया जाता है कि बजट के अभाव के चलते ही संबंधित छात्र-छात्राओं के खाते में छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि नहीं भेजी जा सकी है।
पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी विकास मौर्य ने कहा कि शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति के लिए पिछड़े वर्ग के एक लाख पांच हजार 76 छात्र-छात्राओं का सत्यापन कर निदेशालय को भेजा गया था। लगभग 42 हजार छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति नहीं मिल सकी है।
शीघ्र दिलाया जाए लाभ
इंजीनियरिंग के छात्र राहुल कुमार व राजेंद्र कुमार ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि न मिलने से शिक्षा आगे जारी रखने के लिए फीस नहीं जमा कर सकेंगे। ऐसे में छात्र-छात्राओं के हित को देखते हुए अविलंब राशि उपलब्ध कराई जाए। छात्रा देविका व रीता ने कहा कि शुल्क प्रतिपूर्ति न मिलने से विभिन्न प्रकार की आर्थिक मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। कहा कि शिक्षा बेहतर ढंग से आगे भी जारी रहे, इसके लिए शीघ्र ही खाते में शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि भेजी जाए।