अंबेडकरनगर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी किसानों को अब प्रत्येक वर्ष अनिवार्य रूप से ई केवाईसी करानी होगी। उप कृषि निदेशक डॉ. अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि जिले में कुल 3.60 लाख को सम्मान निधि की पिछली किस्त गई थी। योजना में पारदर्शिता बनाए रखने तथा केवल पात्र और वास्तविक लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है।
उन्होंने बताया कि यदि कोई किसान निर्धारित अवधि में ई केवाईसी नहीं कराता है तो उसकी आगामी पीएम-किसान सम्मान निधि की किस्तें रोकी जा सकती हैं। सरकार का उद्देश्य योजना के डाटा को अद्यतन रखना, फर्जी लाभार्थियों को बाहर करना तथा वास्तविक किसानों को समय पर योजना का लाभ उपलब्ध कराना है। किसानों से अपील की है कि वे 30 जून 2026 से पहले अपनी ई केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य रूप से पूर्ण करा लें। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर ई केवाईसी न कराने वाले किसान स्वतः अपात्रता की श्रेणी में आ सकते हैं और उनकी आगामी किस्तों का भुगतान प्रभावित हो सकता है।
ये हैं विकल्प
डॉ. सिंह ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए ई-केवाईसी कराने के दो प्रमुख विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। पहला, बायोमेट्रिक ई केवाईसी जिसके तहत लाभार्थी किसान अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (सीएससी) पर जाकर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से ई केवाईसी करा सकते हैं। दूसरा, फेशियल ई केवाईसी, जिसे पीएम-किसान मोबाइल एप के जरिये स्वयं या ग्राम नोडल अधिकारी (वीएनओ) एवं कृषि विभाग के फील्ड कर्मचारियों की सहायता से पूरा किया जा सकता है।