जांच के बाद दर्ज हो सकता है केस
संवाद न्यूज एजेंसीअंबेडकरनगर। लोकसभा चुनाव में बेहतर ढंग से मतदान कराने के लिए अकबरपुर नगर स्थित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में चल रहे प्रशिक्षण में शनिवार को 27 पीठासीन व मतदान प्रथम अधिकारी अनुपस्थित रहे। इसमें जांच के बाद केस भी दर्ज हो सकता है। इस बीच 1473 जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ ही पीठासीन व मतदान प्रथम अधिकारियों को मतदान प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया।
25 मई को होने वाले मतदान को सकुशल निपटाने के लिए शनिवार को दूसरे दिन अकबरपुर नगर स्थित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेट तथा पीठासीन व मतदान प्रथम अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। दोनों पालियों में कुल 1500 कर्मचारियों को प्रशिक्षण में शामिल होना था लेकिन 27 अनुपस्थित रहे।
प्रथम पाली में 15 कर्मचारी अनुपस्थित रहे। छह पीठासीन अधिकारी जबकि नौ मतदान प्रथम अधिकारी शामिल रहे। दूसरी पाली में 15 कर्मचारी अनुपस्थित रहे। इसमें 11 पीठासीन जबकि एक मतदान प्रथम अधिकारी शामिल रहे। इस पर सीडीओ अनुराज जैन ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निदेश देते हुए कहा कि जो कर्मचारी बगैर सूचना के अनुपस्थित रहे उनके खिलाफ केस दर्ज कराया जाए।
उधर प्रशिक्षण का जायजा लेने पहुंचे डीएम अविनाश सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण में जो जानकारियां दी गई हैं उनका बेहतर ढंग से प्रयोग मतदान के दौरान करें। मतदान को निष्पक्ष व बेहतर ढंग से निपटाने के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी का बेहतर ढंग से निर्वह्न करना होगा। प्रशिक्षक उपायुक्त स्वतः रोजगार भूपेंद्र सिंह व परियोजना निदेशक दिलीप सोनकर ने कहा कि मतदान के दौरान ईवीएम ऐसे स्थान पर रखें जहां प्रकाश की समुचित व्यवस्था हो। खिड़की के निकट ईवीएम कतई न रखें। ईवीएम में यदि किसी भी प्रकार की समस्या हो तो तत्काल जिम्मेदारों को जानकारी दें।