अंबेडकरनगर। जिले की जर्जर हो चुकी बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पावर कॉर्पोरेशन ने 2.22 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। इस योजना के तहत पुरानी बिजली लाइनों को बदला जाएगा, ट्रांसफार्मरों पर अर्थिंग कराई जाएगी और ओवरलोडिंग की समस्या को दूर किया जाएगा।
करीब पांच दशक पहले लगे बिजली खंभे और लाइनें अब बोझ झेलने में सक्षम नहीं रह गई हैं। जिले में 42 उपकेंद्रों से 30 लाख से अधिक की आबादी को बिजली आपूर्ति की जा रही है, जिससे ट्रांसफार्मर ओवरलोड होकर बार-बार फुंक रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कई ट्रांसफार्मर अभी भी बिना अर्थिंग के हैं, जो बड़ी समस्या बन चुके हैं। बिजली विभाग बिजनेस प्लान के तहत जर्जर एलटी और 11 केवी लाइनों को दुरुस्त करेगा। जलालपुर, टांडा, आलापुर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे कर जरूरत वाले स्थानों पर तार बदले जाएंगे और पोलों की मरम्मत कराई जाएगी।
52 ट्रांसफार्मरों पर लगेगी अर्थिंग
गर्मी के मौसम में भारी लोड के चलते कई ट्रांसफार्मर फुंक चुके हैं। विभाग ने पहले चरण में ग्रामीण क्षेत्रों के 52 ट्रांसफार्मरों की पहचान की है, जहां जल्द ही अर्थिंग कराई जाएगी। शहरी क्षेत्र के अधिकतर ट्रांसफार्मरों पर पहले ही अर्थिंग लगाई जा चुकी है।
शहर में लाइनें भूमिगत करने की मांग
अकबरपुर के पटेल नगर से तहसील तिराहे तक हाई वोल्टेज बिजली लाइनें सड़क के दोनों ओर से गुजरी हैं। इन लाइनों के नीचे सुरक्षा जाल तक नहीं लगा है, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। पूर्व जिलाधिकारी ने रोडवेज से पटेल नगर तक लाइनों को भूमिगत करने की बात कही थी, लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया है।
लाइनें बदली जाएंगी
बिजनेस प्लान के तहत जर्जर लाइनें बदली जाएंगी और ट्रांसफार्मरों पर अर्थिंग का कार्य कराया जाएगा। प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है, स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू होगा।
अनुभव कुमार, अधीक्षण अभियंता